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Sant Kabir Nagar News: यूजीसी के नए नियम के विरोध में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
Fri, 30 Jan 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 01:41 AM IST
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यूजीसी को लेकर कलक्ट्रेट पर ज्ञापन देते अधिवक्ता-स्रोत अधिवक्ता
संतकबीरनगर। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। साथ ही मांग की कि इस नियम को तत्काल वापस लिया जाए।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक, महामंत्री निरंजन सिंह, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र नाथ पांडेय के नेतृत्व अधिवक्ता दीवानी न्यायालय परिसर होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियम में जाति, लिंग और विकलांगता आधारित भेदभाव के निषेध का प्रावधान है। यदि कोई संस्थान जाति, लिंग या विकलांगता के आधार पर भेदभाव करता है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। इस नियम का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है और समाज को बांटने का काम करता है। इसलिए इस नियम को वापस लिया जाना आवश्यक है।
इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, शैलेंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र लाल श्रीवास्तव राकेश पांडेय, संजय पांडेय आदि शामिल रहे।
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सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक, महामंत्री निरंजन सिंह, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र नाथ पांडेय के नेतृत्व अधिवक्ता दीवानी न्यायालय परिसर होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियम में जाति, लिंग और विकलांगता आधारित भेदभाव के निषेध का प्रावधान है। यदि कोई संस्थान जाति, लिंग या विकलांगता के आधार पर भेदभाव करता है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। इस नियम का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है और समाज को बांटने का काम करता है। इसलिए इस नियम को वापस लिया जाना आवश्यक है।
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इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, शैलेंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र लाल श्रीवास्तव राकेश पांडेय, संजय पांडेय आदि शामिल रहे।