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अपर मुख्य सचिव गृह से मिलकर अधिवक्ताओं ने उठाई मांग
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लखनऊ में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मुलाकात करते सदर विधायक जय चौबे और अधिवक्ता।
- फोटो : KHALILABAD
अपर मुख्य सचिव गृह से मिलकर अधिवक्ताओं ने उठाई मांग
- विधायक के नेतृत्व में लखनऊ सीएम से मिलने गया था प्रतिनिधि मंडल
- सीएम से मुलाकात नहीं होने पर अपर मुख्य सचिव से मिलकर दिया मांग पत्र
- साथी के शव की बरामदगी और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं अधिवक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनग। सात सितंबर को लखनऊ में अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी की हत्या करके शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। करीब 15 दिनों से अधिवक्ता साथी के शव की बरामदगी और मामले की सीबीआई जांच व आश्रितों को एक करोड़ की अहेतुक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। गुरुवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इधर सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे की अगुवाई में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल लखनऊ गया और सीएम योगी से मुलाकात नहीं होने पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिले और प्रकरण की जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। अपर मुख्य सचिव गृह ने अधिवक्ताओं को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ गए अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव गृह ने एसपी संतकबीरनगर से फोन पर वार्ता कर कार्रवाई करते हुए शव बरामद करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि यदि शव बरामद नहीं होता है तो भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर हर संभव मदद की जाए। इसके साथ ही स्पेशल टीम गठित कर तीन दिन के अंदर हर संभव छानबीन कराने का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल में सदर विधायक जय चौबे, सिविल बार के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव, नरेंद्र पाठक आदि शामिल रहे। इधर दीवानी न्यायालय में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी रहा। जिससे मुकदमों की पैरवी करने आए फरियादियों को निराश लौटना पड़ा।
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- विधायक के नेतृत्व में लखनऊ सीएम से मिलने गया था प्रतिनिधि मंडल
- सीएम से मुलाकात नहीं होने पर अपर मुख्य सचिव से मिलकर दिया मांग पत्र
- साथी के शव की बरामदगी और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं अधिवक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनग। सात सितंबर को लखनऊ में अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी की हत्या करके शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया गया था। करीब 15 दिनों से अधिवक्ता साथी के शव की बरामदगी और मामले की सीबीआई जांच व आश्रितों को एक करोड़ की अहेतुक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। गुरुवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इधर सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे की अगुवाई में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल लखनऊ गया और सीएम योगी से मुलाकात नहीं होने पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिले और प्रकरण की जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। अपर मुख्य सचिव गृह ने अधिवक्ताओं को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ गए अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव गृह ने एसपी संतकबीरनगर से फोन पर वार्ता कर कार्रवाई करते हुए शव बरामद करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि यदि शव बरामद नहीं होता है तो भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर हर संभव मदद की जाए। इसके साथ ही स्पेशल टीम गठित कर तीन दिन के अंदर हर संभव छानबीन कराने का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल में सदर विधायक जय चौबे, सिविल बार के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव, नरेंद्र पाठक आदि शामिल रहे। इधर दीवानी न्यायालय में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी रहा। जिससे मुकदमों की पैरवी करने आए फरियादियों को निराश लौटना पड़ा।
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