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आवास न बनवाइए, रकम ही लौटा दीजिए
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आवास न बनवाइए, रकम ही लौटा दीजिए
चार वित्तीय वर्षों के दौरान 143 लाभार्थियों ने रकम ले ली और नहीं बनवाया पीएम आवास
बार-बार बीडीओ के जरिए जारी नोटिस का भी नहीं लिया संज्ञान
संतकबीरनगर। छतविहीन होने की वजह से पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिया जाता है। पिछले चार वित्तीय सत्रों में 143 ऐसे लाभार्थी हैं जो दो किस्त की रकम ले लिए और अभी तक आवास का निर्माण नहीं कराए। आवास की रकम को अपने निजी जरूरतों में खर्च कर दिए। शासन का जोर बढ़ा तो अब विभाग ने लाभार्थियों से रकम की वसूली की तैैयारी शुरू कर दी है। लाभार्थियों से यही कहा जा रहा है कि अब आवास नहीं बनाइए, आवास की ली गई रकम लौटा दीजिए। अन्यथा आरसी जारी करके वसूली कराई जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2016-17 के 31 लाभार्थी, वित्तीय वर्ष 2017-18 के 28 लाभार्थी, वित्तीय वर्ष 2018-19 के नौ लाभार्थी और वित्तीय वर्ष 2019-20 के 75 लाभार्थियों ने अभी तक आवास का निर्माण नहीं कराया है। जबकि इन लाभार्थियों ने प्रथम किस्त 40 हजार रुपये और दूसरी किस्त 70 हजार रुपये का प्राप्त कर लिया है। इसमें अधिकांश लाभार्थियों ने नींव की खुदाई करा कर दो-तीन फीट की दीवा खड़ी करके छोड़ दी है। जबकि कुछ लाभार्थियों ने नींव की भी खुदाई भी नहीं कराई है। सचिवों की जिम्मेदारी है कि पर्यवेक्षण करके लाभार्थियों का आवास पूर्ण कराते, लेकिन सचिवों की ओर से भी घोर लापरवाही बरती गई। जिसका नतीजा रहा है कि चार वित्तीय वर्षों के 143 लाभार्थियों ने दो किस्त की रकम लेने के बाद भी आवास का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया। नियमानुसार 100 दिन के भीतर ही आवास का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए। बीडीओ की ओर से बार-बार लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया लेकिन लाभार्थियों ने इसका संज्ञान हीं नहीं लिया। इधर, शासन ने संज्ञान लिया तो जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। अब लाभार्थियों से रकम की वसूली कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नहीं लौटाई रकम तो जारी होगी आरसी
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने बताया कि चार वित्तीय वर्षों के 143 लाभार्थियों ने पीएम आवास की दो किस्त लेकर आवास का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया। लाभार्थियों ने आवास की रकम बैंक से निकाल कर दुरुपयोग कर ली। बीडीओ की ओर से तीन बार नोटिस जारी किया गया लेकिन उसका संज्ञान तक नहीं लिया। सचिवों की ओर से ठीक से पर्यवेक्षण नहीं किया गया। सचिवों की लापरवाही सामने आई है। लाभार्थियों को अंतिम नोटिस जारी कर रकम लौटाने की चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी रकम नहीं लौटाई तो आरसी जारी करके भू राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होते हुए भी उन्हें अपात्र घोषित कराया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं पाएंगे। सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।
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चार वित्तीय वर्षों के दौरान 143 लाभार्थियों ने रकम ले ली और नहीं बनवाया पीएम आवास
बार-बार बीडीओ के जरिए जारी नोटिस का भी नहीं लिया संज्ञान
संतकबीरनगर। छतविहीन होने की वजह से पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिया जाता है। पिछले चार वित्तीय सत्रों में 143 ऐसे लाभार्थी हैं जो दो किस्त की रकम ले लिए और अभी तक आवास का निर्माण नहीं कराए। आवास की रकम को अपने निजी जरूरतों में खर्च कर दिए। शासन का जोर बढ़ा तो अब विभाग ने लाभार्थियों से रकम की वसूली की तैैयारी शुरू कर दी है। लाभार्थियों से यही कहा जा रहा है कि अब आवास नहीं बनाइए, आवास की ली गई रकम लौटा दीजिए। अन्यथा आरसी जारी करके वसूली कराई जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2016-17 के 31 लाभार्थी, वित्तीय वर्ष 2017-18 के 28 लाभार्थी, वित्तीय वर्ष 2018-19 के नौ लाभार्थी और वित्तीय वर्ष 2019-20 के 75 लाभार्थियों ने अभी तक आवास का निर्माण नहीं कराया है। जबकि इन लाभार्थियों ने प्रथम किस्त 40 हजार रुपये और दूसरी किस्त 70 हजार रुपये का प्राप्त कर लिया है। इसमें अधिकांश लाभार्थियों ने नींव की खुदाई करा कर दो-तीन फीट की दीवा खड़ी करके छोड़ दी है। जबकि कुछ लाभार्थियों ने नींव की भी खुदाई भी नहीं कराई है। सचिवों की जिम्मेदारी है कि पर्यवेक्षण करके लाभार्थियों का आवास पूर्ण कराते, लेकिन सचिवों की ओर से भी घोर लापरवाही बरती गई। जिसका नतीजा रहा है कि चार वित्तीय वर्षों के 143 लाभार्थियों ने दो किस्त की रकम लेने के बाद भी आवास का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया। नियमानुसार 100 दिन के भीतर ही आवास का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए। बीडीओ की ओर से बार-बार लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया लेकिन लाभार्थियों ने इसका संज्ञान हीं नहीं लिया। इधर, शासन ने संज्ञान लिया तो जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। अब लाभार्थियों से रकम की वसूली कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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नहीं लौटाई रकम तो जारी होगी आरसी
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने बताया कि चार वित्तीय वर्षों के 143 लाभार्थियों ने पीएम आवास की दो किस्त लेकर आवास का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया। लाभार्थियों ने आवास की रकम बैंक से निकाल कर दुरुपयोग कर ली। बीडीओ की ओर से तीन बार नोटिस जारी किया गया लेकिन उसका संज्ञान तक नहीं लिया। सचिवों की ओर से ठीक से पर्यवेक्षण नहीं किया गया। सचिवों की लापरवाही सामने आई है। लाभार्थियों को अंतिम नोटिस जारी कर रकम लौटाने की चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी रकम नहीं लौटाई तो आरसी जारी करके भू राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होते हुए भी उन्हें अपात्र घोषित कराया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं पाएंगे। सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।
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