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Sant Kabir Nagar News: धनघटा में 19 गांवों के संपर्क मार्ग डूबे, बढ़ी परेशानी
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धनघटा के बाढ़ प्रभावित गांव ढोलबजा का जायजा लेने जाते अधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिली है। 19 गांवों का संपर्क मार्ग अब भी पानी में डूबा है। तहसील प्रशासन द्वारा प्रभावित गांवों में 22 नावें लगाई गईं हंै, जो गांव से एमबीडी तटबंध तक चल रही है। ये नाव जरूरतमंदों को गांव के बाहर पहुंचा रही है। गांव में पशु चारे के संकट से पशु बेहाल हैं।
गायघाट दक्षिणी समेत 19 गांव बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। सरयू का जलस्तर शनिवार को घटना शुरू हो गया है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरयू की बाढ़ से प्रभावित 19 गांव के दस हजार आबादी को ईंधन की व्यवस्था न होने से अधिकतर घरों में दिक्कत हो रही है।
रामशंकर यादव, संजय यादव, चंद्रभान, रामजी, चंद्रिका प्रसाद, अवधेश ने बताया कि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो चुकी है। खरीफ की पैदावार इस वर्ष भी नसीब नहीं होने वाली है।
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ग्रामीणों ने बताया कि डीएम के आश्वासन के बावजूद राहत किट नहीं वितरित की गई है। गांव में सभी हैंडपंप प्रदूषित जल उगल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नदी का जलस्तर घटने के बावजूद गांवों के सिवान में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। पानी में डूबने से गांव के बाहर जाने वाले रास्ते बंद हैं। नाव लगी है लेकिन वह भी 12 घंटे में दो से तीन चक्कर ही लगा रही है। सबसे अधिक दिक्कत पशुओं को हो रही है। पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को गायघाट दक्षिणी, कंचनपुर, ढोल बजा, सरैया, खरैया, गुनवतिया, सियर कला, दौलतपुर, चकदहा, खैरगाड में पहुंच कर 600 लोगों को दवा का वितरण किया। पशु विभाग के चिकित्सकों ने भी पशुओं को दवा वितरित की।
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धनघटा। तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिली है। 19 गांवों का संपर्क मार्ग अब भी पानी में डूबा है। तहसील प्रशासन द्वारा प्रभावित गांवों में 22 नावें लगाई गईं हंै, जो गांव से एमबीडी तटबंध तक चल रही है। ये नाव जरूरतमंदों को गांव के बाहर पहुंचा रही है। गांव में पशु चारे के संकट से पशु बेहाल हैं।
गायघाट दक्षिणी समेत 19 गांव बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। सरयू का जलस्तर शनिवार को घटना शुरू हो गया है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरयू की बाढ़ से प्रभावित 19 गांव के दस हजार आबादी को ईंधन की व्यवस्था न होने से अधिकतर घरों में दिक्कत हो रही है।
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रामशंकर यादव, संजय यादव, चंद्रभान, रामजी, चंद्रिका प्रसाद, अवधेश ने बताया कि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो चुकी है। खरीफ की पैदावार इस वर्ष भी नसीब नहीं होने वाली है।
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ग्रामीणों ने बताया कि डीएम के आश्वासन के बावजूद राहत किट नहीं वितरित की गई है। गांव में सभी हैंडपंप प्रदूषित जल उगल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नदी का जलस्तर घटने के बावजूद गांवों के सिवान में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। पानी में डूबने से गांव के बाहर जाने वाले रास्ते बंद हैं। नाव लगी है लेकिन वह भी 12 घंटे में दो से तीन चक्कर ही लगा रही है। सबसे अधिक दिक्कत पशुओं को हो रही है। पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को गायघाट दक्षिणी, कंचनपुर, ढोल बजा, सरैया, खरैया, गुनवतिया, सियर कला, दौलतपुर, चकदहा, खैरगाड में पहुंच कर 600 लोगों को दवा का वितरण किया। पशु विभाग के चिकित्सकों ने भी पशुओं को दवा वितरित की।
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