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Sant Kabir Nagar News: निजी बसों की भरमार , लोगों को रोडवेज की है दरकार
Tue, 27 Feb 2024 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:11 AM IST
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धर्मसिंहवा। नगर पंचायत से विभिन्न स्थानों पर लोग जिला मुख्यालय और अन्य जनपदों के लिए सफर करते हैं। उन्हे निजी बसों का ही सहारा है। यहां से रोडवेज की बसे नहीं चलती हैं। लोगों ने रोडवेज बस चलाने की मांग की है।
क्षेत्र के गोपाल अग्रहरि, प्रमोद, उदय नाथ, श्रीवास पश्डेय, शाहिद, श्रीकेश आदि ने बताया कि स्थानीय नगर पंचायत से सुबह क्रमशः दो बस लखनऊ, दो बस खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर, एक बस सोनौली बॉर्डर तक तथा दोपहर में एक बस फरेंदा होते हुए गोरखपुर को जाती है। यह सभी बसें प्राइवेट हैं। लोगों का कहना है कि अगर रोडवेज बस का संचालन विभिन्न मार्गो पर इस स्थान से होता तो निश्चित रूप से राजकीय कोष में राजस्व की वृद्धि होती और प्रदेश के काम आता। लोगों का कहना है कि निजी बस संचालक अपना रूट निर्धारण कर मनमाना किराया लेते हैं जिससे आमजन को काफी परेशानी सहनी पड़ती है। इस संबंध में 19 नवंबर को नगर पंचायत में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर नगर के कुछ लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर बस संचालन करवाए जाने की मांग की थी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देशित किए जाने का आदेश भी दिया था। लेकिन अब तक बसे नहीं चली। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले रोडवेज की बस लखनऊ, बस्ती एवं सिद्धार्थनगर जाती थी, लेकिन अब नहीं जाती। रोडवेज बसें न चलने से निजी बसों को फायदा हो रहा है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस मामले में परिवहन निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
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क्षेत्र के गोपाल अग्रहरि, प्रमोद, उदय नाथ, श्रीवास पश्डेय, शाहिद, श्रीकेश आदि ने बताया कि स्थानीय नगर पंचायत से सुबह क्रमशः दो बस लखनऊ, दो बस खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर, एक बस सोनौली बॉर्डर तक तथा दोपहर में एक बस फरेंदा होते हुए गोरखपुर को जाती है। यह सभी बसें प्राइवेट हैं। लोगों का कहना है कि अगर रोडवेज बस का संचालन विभिन्न मार्गो पर इस स्थान से होता तो निश्चित रूप से राजकीय कोष में राजस्व की वृद्धि होती और प्रदेश के काम आता। लोगों का कहना है कि निजी बस संचालक अपना रूट निर्धारण कर मनमाना किराया लेते हैं जिससे आमजन को काफी परेशानी सहनी पड़ती है। इस संबंध में 19 नवंबर को नगर पंचायत में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर नगर के कुछ लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर बस संचालन करवाए जाने की मांग की थी।
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जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देशित किए जाने का आदेश भी दिया था। लेकिन अब तक बसे नहीं चली। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले रोडवेज की बस लखनऊ, बस्ती एवं सिद्धार्थनगर जाती थी, लेकिन अब नहीं जाती। रोडवेज बसें न चलने से निजी बसों को फायदा हो रहा है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस मामले में परिवहन निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
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