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Sant Kabir Nagar News: जमीन की आस में बीत गया साल... विद्युत उपकेंद्र का निर्माण लटका
Tue, 24 Dec 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:11 AM IST
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- खलीलाबाद और मगहर में स्थापित होना है उपकेंद्र
संतकबीरनगर। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए खलीलाबाद और मगहर में उपकेंद्र का निर्माण जमीन के पेंच में फंसा हुआ है। अब तक जमीन की तलाश नहीं पूरी नहीं हो पाई है। इससे एक तरफ शहर में फाॅल्ट में कमी आती। वहीं, अन्य उपकेद्र पर लोड कम हो जाता, लेकिन इसके लिए अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए खलीलाबाद में जर्जर तार और पोल बदलने का कार्य चल रहा है। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता में वृद्धि के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इस योजना के तहत खलीलाबाद और मगहर में विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए बिजली निगम को जमीन की तलाश है। जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासन के ऊपर है। प्रशासन ने विद्युत निगम को मड़या में जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन मामला न्यायालय पहुंच गया।
इसके बाद मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के पास जमीन देखी गई और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, लेकिन विद्युत निगम ने उपलब्ध कराई गई जमीन को कम होने की बात कहकर इसे खारिज कर दिया। इसके बाद से ही जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल सकी है। मगहर में भी जमीन की अभी तक तलाश की जा रही है। यहां जमीन चिह्नित की गई थी और बिजली निगम के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया था, लेकिन यहां रास्ते को लेकर मामला अटका है। ऐसे में यहां भी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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खलीलाबाद व मगहर में उपकेंद्र के निर्माण होने से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे जहां लोड कम होगा वहीं लोकल फाॅल्ट की समस्या भी दूर होगी। दूसरी तरफ लोगों को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। खलीलाबाद क्षेत्र के उपभोक्ता शैलेंद्र कुमार, रामजीत आदि ने कहा कि विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
खलीलाबाद व मगहर में विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- केएन शुक्ला, एसडीओ, खलीलाबाद
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संतकबीरनगर। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए खलीलाबाद और मगहर में उपकेंद्र का निर्माण जमीन के पेंच में फंसा हुआ है। अब तक जमीन की तलाश नहीं पूरी नहीं हो पाई है। इससे एक तरफ शहर में फाॅल्ट में कमी आती। वहीं, अन्य उपकेद्र पर लोड कम हो जाता, लेकिन इसके लिए अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए खलीलाबाद में जर्जर तार और पोल बदलने का कार्य चल रहा है। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता में वृद्धि के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इस योजना के तहत खलीलाबाद और मगहर में विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए बिजली निगम को जमीन की तलाश है। जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासन के ऊपर है। प्रशासन ने विद्युत निगम को मड़या में जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन मामला न्यायालय पहुंच गया।
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इसके बाद मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के पास जमीन देखी गई और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, लेकिन विद्युत निगम ने उपलब्ध कराई गई जमीन को कम होने की बात कहकर इसे खारिज कर दिया। इसके बाद से ही जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल सकी है। मगहर में भी जमीन की अभी तक तलाश की जा रही है। यहां जमीन चिह्नित की गई थी और बिजली निगम के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया था, लेकिन यहां रास्ते को लेकर मामला अटका है। ऐसे में यहां भी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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खलीलाबाद व मगहर में उपकेंद्र के निर्माण होने से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे जहां लोड कम होगा वहीं लोकल फाॅल्ट की समस्या भी दूर होगी। दूसरी तरफ लोगों को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। खलीलाबाद क्षेत्र के उपभोक्ता शैलेंद्र कुमार, रामजीत आदि ने कहा कि विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
खलीलाबाद व मगहर में विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- केएन शुक्ला, एसडीओ, खलीलाबाद