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सीडीओ ने सभी बीडीओ को नोटिस भेजा
Sant kabir nagar
Updated Tue, 28 May 2013 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। मनरेगा के तहत जनपद के 239 गांवों में काम नहीं शुरू होने के मामले में सीडीओ ने समस्त बीडीओ को नोटिस जारी किया है। जिन ग्राम पंचायतों में अब तक काम नहीं शुरू हुआ है उनके सचिव, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक और विकास खंडों में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी का वेतन रोक दिया गया है। इसमें 239 रोजगार सेवक, 45 सचिव और 45 तकनीकी सहायक के अलावा कुछ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शामिल हैं।
सीडीओ एसएन तिवारी ने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक राजस्व गांवों में हर समय मनरेगा में कम से कम एक कार्य अवश्य चलता रहना चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों में कार्य चल रहा है, उनकी नियमित एमआईएस फीडिंग भी कराई जानी चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों में अभी काम नहीं चल रहा है, उनकी संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है। इस संबंध में तत्काल कार्य सुधार के लिए सभी खंड विकास अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी को स्थिति में तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी गई है। सीडीओ ने कहा कि अगर इस आदेश का अनुपालन समयानुसार नहीं हुआ तो मनरेगा कार्मिकों की संविदा की समाप्ति, ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और प्रधानों के खिलाफ पंचायत राज एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों के खाते में मनरेगा की धनराशि उपलब्ध है, उनमें यदि तीन दिन के अंदर कार्य प्रारंभ करा कर व्यय धनराशि का एमआईएस फीडिंग नहीं कराया गया तो उन ग्राम पंचायतों की धनराशि ऐसी ग्राम पंचायतों में हस्तांतरित कर दी जाएगी, जहां धन के अभाव में कार्य बाधित है।
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सीडीओ एसएन तिवारी ने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक राजस्व गांवों में हर समय मनरेगा में कम से कम एक कार्य अवश्य चलता रहना चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों में कार्य चल रहा है, उनकी नियमित एमआईएस फीडिंग भी कराई जानी चाहिए। जिन ग्राम पंचायतों में अभी काम नहीं चल रहा है, उनकी संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है। इस संबंध में तत्काल कार्य सुधार के लिए सभी खंड विकास अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी को स्थिति में तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी गई है। सीडीओ ने कहा कि अगर इस आदेश का अनुपालन समयानुसार नहीं हुआ तो मनरेगा कार्मिकों की संविदा की समाप्ति, ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और प्रधानों के खिलाफ पंचायत राज एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों के खाते में मनरेगा की धनराशि उपलब्ध है, उनमें यदि तीन दिन के अंदर कार्य प्रारंभ करा कर व्यय धनराशि का एमआईएस फीडिंग नहीं कराया गया तो उन ग्राम पंचायतों की धनराशि ऐसी ग्राम पंचायतों में हस्तांतरित कर दी जाएगी, जहां धन के अभाव में कार्य बाधित है।
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