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मांगों को लेकर लेखपालों ने तहसील परिसर में दिया धरना
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:03 AM IST
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संतकबीरनगर/हैंसर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को लेखपालों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में धरना दिया। धरना के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम सदर को दिया। वेतन न आने की सूचना मिलते ही हैंसर में धरना दे रहे लेखपालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के खलीलाबाद तहसील अध्यक्ष हरिशंकर विश्वकर्मा ने कहा कि लेखपालों की शैक्षिक योेग्यता स्नातक करने के साथ ही पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करते हुए वेतनमान ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 28 सौ किया जाए। एसीपी की विसंगतियां दूर की जाए और विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी भी जनपद में स्थानांतरण किया जाए। उन्होेंने कहा कि लेखपालों को लैपटाप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि मांगों को पूरा नहीं करती है तो लेखपाल जाति, निवास बनाने का कार्य नहीं करेंगे।
धरना में शीतला श्रीवास्तव, बुद्धिराम चौधरी, सुनील कुमार श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, विनोद पटेल, अर्जुन पाठक, सुरेश चंद्र, दुर्गा प्रसाद, संतोष कुमार, जितेंद्र बहादुर, सुधाकर गर्ग, ममता त्रिपाठी, श्रवण कुमार, राम प्रताप यादव, अंजू यादव, बंदना आदि उपस्थित रहे।
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मंगलवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर धनघटा तहसील में धरना दे रहे लेखपाल उस समय उग्र हो गए जब उन्हें बैंक खाते में वेतन न आने की सूचना मिली। उसके बाद तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरना की घोषणा कर दिए। लेखपाल देर शाम तक धरना पर बैठे रहे तहसीलदार उनके बीच आकर जब कार्रवाई का आश्वासन दिए तो तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी मांगो को लेकर मंगलवार को हैंसर के लेखपालों ने कार्य बंद करके धरना पर बैठे थे। दोपहर करीब दो बजे उन्हें पता चला कि मेंहदावल व खलीलाबाद के लेखपालो का वेतन उनके खाता में पहुंच गया, लेकिन धनघटा के लेखपालों का वेतन रोक दिया गया है। इतनी जानकारी होते ही लेखपाल भड़क गए और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी भी वहां पहुंच गए और घोषण कर दी कि लेखपाल यहां तब तक धरना देंगे, जब तक तहसीलदार आकर वेतन रोकने का कारण स्पष्ट नही कर देती है। उस समय तहसीलदार वंदना पांडेय तहसील में मौजूद नही थी। जिससे देर शाम तक लेखपालो को तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ा। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ध्रुवचंद्र चौधरी ने बताया कि एक कानूनगो के कहने पर तहसीलदार ने लेखपालो का वेतन रोका है। देर शाम तहसीलदार और एसडीएम लेखपालो के बीच पहुंचें । लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने बताया कि दोनों अधिकारी लेखपालों की समस्याओं का समाधान करने तथा कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया। उसके बाद धराना समाप्त कर दिया गया।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के खलीलाबाद तहसील अध्यक्ष हरिशंकर विश्वकर्मा ने कहा कि लेखपालों की शैक्षिक योेग्यता स्नातक करने के साथ ही पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करते हुए वेतनमान ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 28 सौ किया जाए। एसीपी की विसंगतियां दूर की जाए और विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी भी जनपद में स्थानांतरण किया जाए। उन्होेंने कहा कि लेखपालों को लैपटाप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि मांगों को पूरा नहीं करती है तो लेखपाल जाति, निवास बनाने का कार्य नहीं करेंगे।
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धरना में शीतला श्रीवास्तव, बुद्धिराम चौधरी, सुनील कुमार श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, विनोद पटेल, अर्जुन पाठक, सुरेश चंद्र, दुर्गा प्रसाद, संतोष कुमार, जितेंद्र बहादुर, सुधाकर गर्ग, ममता त्रिपाठी, श्रवण कुमार, राम प्रताप यादव, अंजू यादव, बंदना आदि उपस्थित रहे।
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मंगलवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर धनघटा तहसील में धरना दे रहे लेखपाल उस समय उग्र हो गए जब उन्हें बैंक खाते में वेतन न आने की सूचना मिली। उसके बाद तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरना की घोषणा कर दिए। लेखपाल देर शाम तक धरना पर बैठे रहे तहसीलदार उनके बीच आकर जब कार्रवाई का आश्वासन दिए तो तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी मांगो को लेकर मंगलवार को हैंसर के लेखपालों ने कार्य बंद करके धरना पर बैठे थे। दोपहर करीब दो बजे उन्हें पता चला कि मेंहदावल व खलीलाबाद के लेखपालो का वेतन उनके खाता में पहुंच गया, लेकिन धनघटा के लेखपालों का वेतन रोक दिया गया है। इतनी जानकारी होते ही लेखपाल भड़क गए और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी भी वहां पहुंच गए और घोषण कर दी कि लेखपाल यहां तब तक धरना देंगे, जब तक तहसीलदार आकर वेतन रोकने का कारण स्पष्ट नही कर देती है। उस समय तहसीलदार वंदना पांडेय तहसील में मौजूद नही थी। जिससे देर शाम तक लेखपालो को तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ा। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ध्रुवचंद्र चौधरी ने बताया कि एक कानूनगो के कहने पर तहसीलदार ने लेखपालो का वेतन रोका है। देर शाम तहसीलदार और एसडीएम लेखपालो के बीच पहुंचें । लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने बताया कि दोनों अधिकारी लेखपालों की समस्याओं का समाधान करने तथा कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया। उसके बाद धराना समाप्त कर दिया गया।