{"_id":"5bd4b8a6bdec2269896635bd","slug":"61540667558-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू की पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू की पंचायत
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाकियू ने लगाई किसान पंचायत
फोटो
समस्याओ से संबंधित 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को दिया
अमर उजाला ब्यूरो
सांथा। क्षेत्र के राजेडिहा बाजार में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं के लिए महा पंचायत का आयेजन किया। इस दौरान किसानों की समस्याओं से संबधित 12 सूत्री ज्ञापन एसडीएम मेंहदावल को दिया।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवानचंद चौधरी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद कोई भी वादा पूरा नहीं किया। जिलाध्यक्ष पं. जनार्दन प्रसाद मिश्रा ने कहा कि आवास, पेंशन, शौचालय में ब्लॉक कर्मियों की ओर से क्षेत्र के ग्रामीणों से सुविधा शुल्क मांगा जाता हैं और पात्रों की जगह अपात्रों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की फसलें बर्वाद हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यदि अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान दयाशंकर उपाध्याय, मुर्तुजा हुसेन, करम हुसेन, दीनानाथ चौधरी, अकरम चौधरी, दिग्विजय नाथ पाठक, संतराम, रामहित आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो
समस्याओ से संबंधित 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को दिया
अमर उजाला ब्यूरो
सांथा। क्षेत्र के राजेडिहा बाजार में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं के लिए महा पंचायत का आयेजन किया। इस दौरान किसानों की समस्याओं से संबधित 12 सूत्री ज्ञापन एसडीएम मेंहदावल को दिया।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवानचंद चौधरी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद कोई भी वादा पूरा नहीं किया। जिलाध्यक्ष पं. जनार्दन प्रसाद मिश्रा ने कहा कि आवास, पेंशन, शौचालय में ब्लॉक कर्मियों की ओर से क्षेत्र के ग्रामीणों से सुविधा शुल्क मांगा जाता हैं और पात्रों की जगह अपात्रों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की फसलें बर्वाद हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यदि अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान दयाशंकर उपाध्याय, मुर्तुजा हुसेन, करम हुसेन, दीनानाथ चौधरी, अकरम चौधरी, दिग्विजय नाथ पाठक, संतराम, रामहित आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन