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बिना खाए स्कूल से लौट रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:33 PM IST
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प्रस्तावित मॉडल प्राथमिक विद्यालय धर्मसिंहवा
- फोटो : अमर उजाला
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धर्मसिंहवा। प्रस्तावित मॉडल प्राथमिक विद्यालय धर्मसिंहवा के बच्चे चार दिनों से भूखे पेट पढ़ने को मजबूर हो रहे है। इसके पीछे खाद्यान्न और कनवर्जन कास्ट नहीं मिलना कारण बताया जा रहा है। रसोइया स्कूल आती है और घर लौट जा रही हैं। प्रधानाध्यापक का कहना है कि मामले की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है।
विकास क्षेत्र सांथा के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय धर्मसिंहवा मॉडल स्कूल के लिए प्रस्तावित है। विद्यालय का नाम तथा अन्य सूचनाएं अंग्रेजी में लिखी गई है। विद्यालय अभिलेख के अनुसार 233 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। यहां पर आज चार दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं बना है।
रसोइया स्कूल तक आकर घर लौट जा रही है। प्रधानाध्यापक अब्दुल समद ने बताया कि कनवर्जन कास्ट और अनाज न होने के कारण चार दिनों से मिड-डे मील नहीं बन रहा है। बताया कि जुलाई तक कुल 70 हजार रुपये कनवर्जन राशि भी बकाया है।
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बकाया में 112 किलोग्राम चावल और 181 किलो गेहूं भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कोटेदार अनाज भी नहीं दे रहा है। ऐसे में प्रतिदिन मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को शून्य सूचना भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि एमडीएम बंद होने से पहले बीईओ सांथा को लिखित सूचना दे दी गई है, पर अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। डीसी एमडीएम धीरेंद्र प्रताप चंद ने बताया कि विद्यालय पर खाद्यान्न की व्यवस्था कर दी गई है। शनिवार से भोजन बनना शुरू हो जाएगा।
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विकास क्षेत्र सांथा के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय धर्मसिंहवा मॉडल स्कूल के लिए प्रस्तावित है। विद्यालय का नाम तथा अन्य सूचनाएं अंग्रेजी में लिखी गई है। विद्यालय अभिलेख के अनुसार 233 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। यहां पर आज चार दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं बना है।
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रसोइया स्कूल तक आकर घर लौट जा रही है। प्रधानाध्यापक अब्दुल समद ने बताया कि कनवर्जन कास्ट और अनाज न होने के कारण चार दिनों से मिड-डे मील नहीं बन रहा है। बताया कि जुलाई तक कुल 70 हजार रुपये कनवर्जन राशि भी बकाया है।
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बकाया में 112 किलोग्राम चावल और 181 किलो गेहूं भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कोटेदार अनाज भी नहीं दे रहा है। ऐसे में प्रतिदिन मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को शून्य सूचना भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि एमडीएम बंद होने से पहले बीईओ सांथा को लिखित सूचना दे दी गई है, पर अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। डीसी एमडीएम धीरेंद्र प्रताप चंद ने बताया कि विद्यालय पर खाद्यान्न की व्यवस्था कर दी गई है। शनिवार से भोजन बनना शुरू हो जाएगा।