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संतकबीरनगर: 4040 भूमिहीन ले रहे थे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ, अब वसूली की तैयारी में जुटा विभाग
Fri, 30 Sep 2022 12:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 12:55 PM IST
सार
केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रत्येक वर्ष प्रत्येक पात्र किसानों को किस्तों में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। शासन की मंशा है कि योजना का लाभ पात्र ही उठाएं और अपात्रों को चिह्नित किया जाए। योजना का लाभ आयकर दाता और भूमिहीन किसान नहीं पाएंगे। शासन के निर्देश पर योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों की भूमि का विवरण तैयार कराया जा रहा है।
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कलेक्ट्रेट में डीएम से मिलकर किसान सम्मान निधि का लाभ वापस करने की मांग करता किसान।
- फोटो : KHALILABAD
विस्तार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने से वास्तविक किसान भले ही वंचित रह गए हो, लेकिन जिले में 4040 ऐसे लोग योजना का लाभ उठा रहे थे, जो भूमिहीन हैं। यह आंकड़ा हवा-हवाई नहीं है, बल्कि शासन की ओर से कराए जा रहे सत्यापन में उभर कर सामने आया है। इसे लेकर कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। अब विभाग ने भूमिहीनों से धन की वसूली कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रत्येक वर्ष प्रत्येक पात्र किसानों को किस्तों में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। शासन की मंशा है कि योजना का लाभ पात्र ही उठाएं और अपात्रों को चिह्नित किया जाए। योजना का लाभ आयकर दाता और भूमिहीन किसान नहीं पाएंगे। शासन के निर्देश पर योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों की भूमि का विवरण तैयार कराया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से जिले में 2,74,627 किसानों का आंकड़ा सत्यापन के लिए विभाग को भेजा गया।
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सूची में खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 96236 लाभार्थी, धनघटा तहसील के 94627 लाभार्थी और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 83764 लाभार्थियों का नाम शामिल है। डीएम की ओर से सत्यापन के लिए लेखपाल और कृषि विभाग के कर्मी लगाए गए हैं। अभी तक 2,71,432 लाभार्थियों का सत्यापन हो चुका है। जिसमें 4040 लाभार्थी भूमिहीन पाए गए हैं। इसमें खलीलाबाद क्षेत्र के 1418, धनघटा के 1212 और मेंहदावल तहसील के 1410 लोग भूमिहीन मिले हैं। जबकि 9553 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। जिसमें खलीलाबाद तहसील के 2107, धनघटा तहसील के 3236 और मेंहदावल तहसील के 4210 लाभार्थी मृतकों की सूची में शामिल हैं। तहसील प्रशासन ने सत्यापित 92.75 प्रतिशत लाभार्थियों का डाटा किसान पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
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डीएम साहब मैंने जमीन बेच दी है, बंद करा दें योजना का लाभ
खलीलाबाद के बगहिया निवासी 50 वर्षीय ईश्वरचंद्र पुत्र पारस डीएम के समक्ष प्रार्थना लेकर उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। उनके पास करीब तीन विस्वा जमीन थी, जिसे उन्होंने बेच दिया है। ऐसे में अब वह योजना का लाभ लेने के हकदार नहीं है। उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाए। यह बात सुनकर डीएम प्रेम रंजन सिंह काफी प्रभावित हुए।
डीएम ने कहा कि भूमिहीन और अपात्रों को कत्तई योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। लाभार्थी ने खुद आकर बताया है, यह उसकी ईमानदारी की मिशाल है। सत्यापन में जो भूमिहीन पाए गए हैं, उनसे जारी धनराशि की वसूली कराई जाएगी।
उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि यह सच है कि लाभार्थियों के भूलेख अंकन के सत्यापन में 4040 लोग भूमिहीन पाए गए हैं। जबकि 9553 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। योजना का लाभ पाने के लिए संबंधित को घोषणा पत्र देना होता है। भूमिहीन लोग भी घोषणा पत्र दिए थे। संबंधित भूमिहीनों में किसी ने आठ किस्त, किसी ने चार किस्त तो किसी ने दो किस्त की धनराशि प्राप्त की है। इसका आंकड़ा तैयार कराया जा रहा है। संबंधित भूमिहीनों से धन की रिकवरी कराई जाएगी। जबकि मृतक पाए गए लाभार्थियों के संबंध में संबंधित बैंकों को सूचना भेज दी गई है। जिससे मृतकों के खातें में जो धनराशि भेजी गई हो, उसे वापस शासन के खाते में लौटा दिया जाए। दस दिनों के भीतर सत्यापन कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
डीएम ने कहा कि भूमिहीन और अपात्रों को कत्तई योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। लाभार्थी ने खुद आकर बताया है, यह उसकी ईमानदारी की मिशाल है। सत्यापन में जो भूमिहीन पाए गए हैं, उनसे जारी धनराशि की वसूली कराई जाएगी।
उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि यह सच है कि लाभार्थियों के भूलेख अंकन के सत्यापन में 4040 लोग भूमिहीन पाए गए हैं। जबकि 9553 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। योजना का लाभ पाने के लिए संबंधित को घोषणा पत्र देना होता है। भूमिहीन लोग भी घोषणा पत्र दिए थे। संबंधित भूमिहीनों में किसी ने आठ किस्त, किसी ने चार किस्त तो किसी ने दो किस्त की धनराशि प्राप्त की है। इसका आंकड़ा तैयार कराया जा रहा है। संबंधित भूमिहीनों से धन की रिकवरी कराई जाएगी। जबकि मृतक पाए गए लाभार्थियों के संबंध में संबंधित बैंकों को सूचना भेज दी गई है। जिससे मृतकों के खातें में जो धनराशि भेजी गई हो, उसे वापस शासन के खाते में लौटा दिया जाए। दस दिनों के भीतर सत्यापन कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।