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मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च, हालत पहले जैसी

Tue, 22 Jan 2019 11:35 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:35 PM IST
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मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च, हालत पहले जैसी
सड़क मरम्मत पर सवा करोड़ खर्च, हालत पहले जैसी
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फोटो
रात में की गई मरम्मत, सुबह बिखर गईं गिट्टियां, शासन की मंशा पर फिर रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बरसात व अन्य कारणों से गड्ढे में तब्दील हुई सड़कों को ‘गड्ढामुक्त’ करने में खेल हुआ है। मरम्मत पर सवा करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन हालत पहले जैसे ही हैं। मरम्मत के बाद आवागमन के लिए जिन सड़कों को बेहतर होने का दावा किया जा रहा है, उनकी गिट्टियां दूसरे दिन ही बिखर गईं। इसके चलते लोगों को अब भी खराब सड़कों से ही आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले में लोक निर्माण विभाग, आरईएस, पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों की कुल 1319 सड़कें हैं। बीते बरसात में इनमें से अधिकांश सड़कें टूट गई थीं। लोक निर्माण विभाग ने 529 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए चिह्नित किया। इसके लिए शासन से करीब दो करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई थी। विभागीय अफसरों का दावा है कि सड़कों की मरम्मत के लिए मिले एक करोड़ 25 लाख रुपये से 425 सड़कों की मरम्मत करा दी गई, लेकिन आम लोग कार्य की गुणवत्ता को बेहद खराब बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिस दिन मरम्मत हुई, उसी दिन सड़क की गिट्टियां फिर बिखर गईं। लोगों को अब भी खराब सड़कों से ही गुजरना पड़ रहा है। खलीलाबाद-मुखलिसपुर रोड पर बनियाबारी गांव के पास कुछ दिन पूर्व ही रात में सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए गिट्टियां डाली गईं, लेकिन सुबह होती ही गिट्टियां पूरी तरह से बिखर गई। ऐसी ही स्थिति मेंहदावल रोड की भी है। खलीलाबाद शहर में ही इस सड़क पर हुए गड्ढों के चलते लोगों ने प्रदर्शन तक किया, लेकिन अब भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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लोगों की प्रतिक्रिया

मरम्मत की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी
संतलाल का कहना है कि सड़कों के मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है। कई ऐसे सड़कें है जो गड्ढों से मुक्त नहीं हो पाई हैं। इस पर विभाग को ध्यान देना चाहिए। रहमतुल्लाह का कहना है कि बदहाल सड़कों की मरम्मत का भले ही दावा किया जा रहा है, लेकिन मरम्मत की गुणवत्ता कहीं भी ठीक नहीं है। इससे शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले की जो भी सड़कें खराब हैं, उसकी मरम्मत की जरूरत है। गुड्डू का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर की सड़कें भी बदहाल है। मेंहदावल रोड पर बड़ा गड्ढा बना हुआ है। आश्वासन के बाद भी अभी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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कार्य की जांच कराई जाएगी : एक्सईएन
लोकनिर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एके दूबे ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप बदहाल सड़कों की मरम्मत कराई गई है। मुखलिसपुर रोड पर बनियाबारी के पास मरम्मत में खराब गुणवत्ता की बात प्रकाश में नहीं थी। इसे खुद देखेंगे और जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अन्य स्थानों पर भी मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
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