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पति समेत छह अभियुक्तों को तीन साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
Updated Wed, 20 Jan 2016 10:42 PM IST
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पत्नी के रहते दूसरी शादी कर लेने और पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में बुधवार को सिविल जज जूनियर डिविजन आशुतोष कुमार ने पति समेत छह लोगों को तीन साल की सजा सुुनाई। इसके साथ 10,000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पत्नी को दिए जाने का आदेश पारित किया है।
पीड़ित पूनम का आरोप था कि उसकी शादी वर्ष 2004 में कोतवाली क्षेत्र के उतरावल गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र फूलचंद्र गुप्ता के साथ हुई थी। लगभग डेढ़ -दो साल पति-पत्नी के रूप में रही। उसी दौरान उसे एक पुत्र राहुल पैदा हुआ। जिसकी उम्र लगभग पांच वर्ष है।
दो साल बाद उसे पति सुरेंद्र, देवर सुनील, सास शारदा देवी, ससुर फूलचंद्र, पति के मामा राजेंद्र और ओम प्रकाश पुत्रगण शंकर निवासी ग्राम सडहरा थाना महुली प्रताड़ित करने लगे। आरोप था कि ससुराली उसे मारपीट कर घर से निकाल दिए। उसके बाद वह अपने मायके हरिहरपुर चली गई और पति खर्चा नहीं दे रहे है।
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जान माल की धमकी ऊपर से देते रहते हैं। आरोप था कि उसके पति ससुरालियों की मदद से दूसरी शादी कर लिए हैं। सीओ खलीलाबाद ने पीड़ित का बयान भी अंकित किया और महिला थाने की एसओ को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर महिला थाने में 10 फरवरी 2012 को पति समेत छह लोगों के खिलाफ उत्पीड़न, दूसरी शादी करने तथा मारने-पीटने के आरोप में केस दर्ज हुआ। एसओ महिला थाना मंजू पांडेय ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
न्यायालय में विचारण के दौरान पीड़ित तथा अन्य गवाहों के बयान और जिरहा हुए। सहायक अभियोजन अधिकारी संजय शुक्ला ने बताया कि न्यायालय ने मारपीट के आरोप से सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है।
उत्पीड़न तथा दूसरी शादी करने आरोप में पति सुरेंद्र को तीन-तीन साल तथा अन्य पांच अभियुक्तों को उत्पीड़न के मामले में तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करते हुए आधी धनरारशि पीड़ित पत्नी पूनम को दिए जाने का आदेश पारित किया।
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पीड़ित पूनम का आरोप था कि उसकी शादी वर्ष 2004 में कोतवाली क्षेत्र के उतरावल गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र फूलचंद्र गुप्ता के साथ हुई थी। लगभग डेढ़ -दो साल पति-पत्नी के रूप में रही। उसी दौरान उसे एक पुत्र राहुल पैदा हुआ। जिसकी उम्र लगभग पांच वर्ष है।
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दो साल बाद उसे पति सुरेंद्र, देवर सुनील, सास शारदा देवी, ससुर फूलचंद्र, पति के मामा राजेंद्र और ओम प्रकाश पुत्रगण शंकर निवासी ग्राम सडहरा थाना महुली प्रताड़ित करने लगे। आरोप था कि ससुराली उसे मारपीट कर घर से निकाल दिए। उसके बाद वह अपने मायके हरिहरपुर चली गई और पति खर्चा नहीं दे रहे है।
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जान माल की धमकी ऊपर से देते रहते हैं। आरोप था कि उसके पति ससुरालियों की मदद से दूसरी शादी कर लिए हैं। सीओ खलीलाबाद ने पीड़ित का बयान भी अंकित किया और महिला थाने की एसओ को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर महिला थाने में 10 फरवरी 2012 को पति समेत छह लोगों के खिलाफ उत्पीड़न, दूसरी शादी करने तथा मारने-पीटने के आरोप में केस दर्ज हुआ। एसओ महिला थाना मंजू पांडेय ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
न्यायालय में विचारण के दौरान पीड़ित तथा अन्य गवाहों के बयान और जिरहा हुए। सहायक अभियोजन अधिकारी संजय शुक्ला ने बताया कि न्यायालय ने मारपीट के आरोप से सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है।
उत्पीड़न तथा दूसरी शादी करने आरोप में पति सुरेंद्र को तीन-तीन साल तथा अन्य पांच अभियुक्तों को उत्पीड़न के मामले में तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करते हुए आधी धनरारशि पीड़ित पत्नी पूनम को दिए जाने का आदेश पारित किया।