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मौसम का असर
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मौसम के बदले मिजाज से किसान चिंतित
सरसों पर माहो का प्रकोप, आलू समेत अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंचने का बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मौसम के मिजाज में अचानक हुए परिवर्तन ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे अधिक मुश्किल सब्जी उत्पादकों के सामने है। सरसों की फसल पक चुकी है। ऐसे में तेज बरसात हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस बार जाड़े में मौसम का मिजाज लोगों के पूर्वानुमान से जुदा है। शीतलहर का असर बिल्कुल नहीं हुआ, लेकिन बीते दो महीने में कई बार बरसात हो चुकी है। तीन दिन पहले अचानक मौसम इतना गर्म होने लगा कि लोगों को जाड़े में ही गर्मी का अहसास करा गया। बुधवार को फिर आकाश बादलों से भर गया। सुबह कुछ बूंदाबांदी भी हुई। पूरे दिन मौसम का मिजाज बदलता रहा।
हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार किसान देवेंद्र, कौशल, प्रदीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद मौर्य, घनश्याम मौर्य, दिनेश, जयकरन आदि का कहना है कि इस वक्त गेहूं की फसल पानी की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आसमान में छाए बादल देख ओलावृष्टि का भय है। अगर बरसात हुआ तो आलू की फसल भी बर्बाद हो जाएगी। साथ ही साथ मिर्चा, गोभी, टमाटर, बैंगन आदि पर भी असर पड़ेगा। सरसों की फसल पर माहो कीट का प्रकोप बढ़ जाएगा। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की सुबह हुई बूंदाबांदी और दिनभर छाए रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अनिल निषाद, इंद्रसेन सिंह, मानवेंद्र सिंह, अब्दुल कलाम, अहमद हुसैन, गणेश, सोहनलाल, गुड्डू, राकेश कुमार, अमरेश बहादुर सिंह, अतीऊल्लाह आदि का कहना है कि बरसात हुई तो सरसों और आलू उत्पादकों को नुकसान होगा।
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सरसों पर माहो का प्रकोप, आलू समेत अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंचने का बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मौसम के मिजाज में अचानक हुए परिवर्तन ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे अधिक मुश्किल सब्जी उत्पादकों के सामने है। सरसों की फसल पक चुकी है। ऐसे में तेज बरसात हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस बार जाड़े में मौसम का मिजाज लोगों के पूर्वानुमान से जुदा है। शीतलहर का असर बिल्कुल नहीं हुआ, लेकिन बीते दो महीने में कई बार बरसात हो चुकी है। तीन दिन पहले अचानक मौसम इतना गर्म होने लगा कि लोगों को जाड़े में ही गर्मी का अहसास करा गया। बुधवार को फिर आकाश बादलों से भर गया। सुबह कुछ बूंदाबांदी भी हुई। पूरे दिन मौसम का मिजाज बदलता रहा।
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हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार किसान देवेंद्र, कौशल, प्रदीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद मौर्य, घनश्याम मौर्य, दिनेश, जयकरन आदि का कहना है कि इस वक्त गेहूं की फसल पानी की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आसमान में छाए बादल देख ओलावृष्टि का भय है। अगर बरसात हुआ तो आलू की फसल भी बर्बाद हो जाएगी। साथ ही साथ मिर्चा, गोभी, टमाटर, बैंगन आदि पर भी असर पड़ेगा। सरसों की फसल पर माहो कीट का प्रकोप बढ़ जाएगा। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की सुबह हुई बूंदाबांदी और दिनभर छाए रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अनिल निषाद, इंद्रसेन सिंह, मानवेंद्र सिंह, अब्दुल कलाम, अहमद हुसैन, गणेश, सोहनलाल, गुड्डू, राकेश कुमार, अमरेश बहादुर सिंह, अतीऊल्लाह आदि का कहना है कि बरसात हुई तो सरसों और आलू उत्पादकों को नुकसान होगा।
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