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सेमरियांवा ब्लाक के लहुरादेवा गांव का मामला
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:21 PM IST
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दूसरे दिन मल्लाहपुरवा में किया विरोध प्रदर्शन
गांव के कुछ लोगों ने ‘काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं’ टांग दिया बैनर
शनिवार को इन लोगों ने उसरी टोला में किया था विरोध प्रदर्शन
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे। सेमरियावां ब्लॉक के लहुरादेवा गांव में ‘काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं’ नारे के साथ हो रहा विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी चला। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस गांव के मल्लाहपुरवा में सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण न होने तथा खड़ंजा और इंटरलॉकिंग नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए नेताओं के गांव में आगमन पर विरोध करने की बात कही गई।
शनिवार को लहुरादेवा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम उसरी में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, शौचालय और खेल का मैदान न होने तथा संपर्क मार्गों की बदहाल स्थिति के लिए जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए गांव के कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इन लोगों ने गांव में एक बैनर भी टांग दिया था, जिस पर काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं का नारा लिखा था। रविवार को भी इन ग्रामीणों ने मल्लाहपुरवा में सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यहां सड़क के दोनों तरफ पक्की नाली और इंटरलॉकिंग नहीं हुई तो चुनाव लड़ने वाले नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रवींद्र कुमार उर्फ छोटू तिवारी, धीरज तिवारी, गंगाराम, रामजीत, अखिलेश यादव, रवींद्र कुमार, चंद्रशेखर, गुलाबी, सूर्यमती, केवला देवी, दशरथ ,चौथी, मातादीन, मुनिराम आदि शामिल थे। इस संबंध में बीडीओ सेमरियांवा आरके चतुर्वेदी ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं था। सोमवार को कर्मचारियों से इसकी जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा वे स्वयं भी गांव जाकर विकास कार्यों की जानकारी लेंगे। आंदोलन कर रहे लोगों तथा ग्राम प्रधान से भी इस मुद्दे पर बात की जाएगी।
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गांव के कुछ लोगों ने ‘काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं’ टांग दिया बैनर
शनिवार को इन लोगों ने उसरी टोला में किया था विरोध प्रदर्शन
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे। सेमरियावां ब्लॉक के लहुरादेवा गांव में ‘काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं’ नारे के साथ हो रहा विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी चला। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस गांव के मल्लाहपुरवा में सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण न होने तथा खड़ंजा और इंटरलॉकिंग नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए नेताओं के गांव में आगमन पर विरोध करने की बात कही गई।
शनिवार को लहुरादेवा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम उसरी में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, शौचालय और खेल का मैदान न होने तथा संपर्क मार्गों की बदहाल स्थिति के लिए जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए गांव के कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इन लोगों ने गांव में एक बैनर भी टांग दिया था, जिस पर काम नहीं तो नेताओं का प्रवेश नहीं का नारा लिखा था। रविवार को भी इन ग्रामीणों ने मल्लाहपुरवा में सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यहां सड़क के दोनों तरफ पक्की नाली और इंटरलॉकिंग नहीं हुई तो चुनाव लड़ने वाले नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रवींद्र कुमार उर्फ छोटू तिवारी, धीरज तिवारी, गंगाराम, रामजीत, अखिलेश यादव, रवींद्र कुमार, चंद्रशेखर, गुलाबी, सूर्यमती, केवला देवी, दशरथ ,चौथी, मातादीन, मुनिराम आदि शामिल थे। इस संबंध में बीडीओ सेमरियांवा आरके चतुर्वेदी ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं था। सोमवार को कर्मचारियों से इसकी जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा वे स्वयं भी गांव जाकर विकास कार्यों की जानकारी लेंगे। आंदोलन कर रहे लोगों तथा ग्राम प्रधान से भी इस मुद्दे पर बात की जाएगी।
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