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डीएम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के कर्मचारियों का वेतन रोका
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:47 PM IST
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खलीलाबाद का निरीक्षण करते डीएम।
- फोटो : amarujala
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संतकबीरनगर। डीएम ने सोमवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खलीलाबाद का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय पर समस्त स्टाफ अनुपस्थित मिला। विद्यालय पर कई प्रकार की कमियंा मिलने पर सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, एकाउंटेंट, वार्डेन समेत समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया। इसके साथ ही एक सहायक रसोइयों की सेवा समाप्ति की नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा अचानक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खलीलाबाद पहुंच गए। सबसे पहले स्टाफ की उपस्थिति जांची। जहंा पर वार्डेन प्रतिभा सिंह, फुल टाइम टीचर सुमन सिंह, अर्चन श्रीवास्तव अनुपस्थित रही, इसके साथ ही मुख्य रसोइया कविता शर्मा, सहायक रसोइया कमलावती भी अनुपस्थित थी। डीएम ने जर्जर भवन को देख कर नाराजगी जाहिर की। भवन का प्लास्टर जगह-जगह उखड़ गया था और छत से वाटर सप्लाई का पानी टपक रहा था। शौचालय आदि काफी दयनीय स्थिति में थे, इस पर डीएम ने डीसी बालिका शिक्षा हरिशचंद शुक्ल से जवाब तलब किया तो बताया कि सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी के पास मरम्मत की पत्रावली लंबित है और वह उसका अनुमोदन नहीं कर रहे है। डीएम ने मौजूद बीएसए माया सिंह के प्रति भी नाराजगी जताई और कहा कि सात माह जनपद में आए हो गए और अभी तक बीएसए ने कस्तूरबा का निरीक्षण तक नहीं किया। यह स्थिति काफी खेदजनक है। इस जर्जर भवन में बच्चियंा रहती है। अगर कोई घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? उन्होंने एएओ, डीसी बालिका शिक्षा, एकाउंटेंट, वार्डेन समेत कस्तूरबा के समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया। इसके साथ ही एक रसोइया अनरसा की लापरवाही की शिकायत मिलने पर सेवा समाप्ति की नोटिस देने का निर्देश दिया। डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा अचानक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खलीलाबाद पहुंच गए। सबसे पहले स्टाफ की उपस्थिति जांची। जहंा पर वार्डेन प्रतिभा सिंह, फुल टाइम टीचर सुमन सिंह, अर्चन श्रीवास्तव अनुपस्थित रही, इसके साथ ही मुख्य रसोइया कविता शर्मा, सहायक रसोइया कमलावती भी अनुपस्थित थी। डीएम ने जर्जर भवन को देख कर नाराजगी जाहिर की। भवन का प्लास्टर जगह-जगह उखड़ गया था और छत से वाटर सप्लाई का पानी टपक रहा था। शौचालय आदि काफी दयनीय स्थिति में थे, इस पर डीएम ने डीसी बालिका शिक्षा हरिशचंद शुक्ल से जवाब तलब किया तो बताया कि सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी के पास मरम्मत की पत्रावली लंबित है और वह उसका अनुमोदन नहीं कर रहे है। डीएम ने मौजूद बीएसए माया सिंह के प्रति भी नाराजगी जताई और कहा कि सात माह जनपद में आए हो गए और अभी तक बीएसए ने कस्तूरबा का निरीक्षण तक नहीं किया। यह स्थिति काफी खेदजनक है। इस जर्जर भवन में बच्चियंा रहती है। अगर कोई घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? उन्होंने एएओ, डीसी बालिका शिक्षा, एकाउंटेंट, वार्डेन समेत कस्तूरबा के समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया। इसके साथ ही एक रसोइया अनरसा की लापरवाही की शिकायत मिलने पर सेवा समाप्ति की नोटिस देने का निर्देश दिया। डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
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