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सीएचसी नाथनगर का मामला
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:57 PM IST
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नेत्र चिकित्सक ने सीएचसी अधीक्षक पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
अधीक्षक ने आरोपों को बताया निराधार, बोले केवल डांटा था
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। जिले की नोडल अफसर व प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वी झिमोमी हेकाली जब जिला अस्पताल का निरीक्षण कर रही थीं तो लगभग उसी वक्त धनघटा तहसील के नाथनगर सीएचसी में नेत्र चिकित्सक व सीएचसी अधीक्षक में टकराहट चल रही थी। नेत्र चिकित्सक का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक की मौजूदगी में ओपीडी के कमरे का ताला तोड़कर सामान इधर-उधर कर दिया गया। जबकि सीएचसी अधीक्षक का कहना था कि डॉक्टर के बैठने के लिए कमरे की व्यवस्था कराई गई है। नेत्र चिकित्सक ने इसकी शिकायत सीएमओ से की है।
सीएचसी नाथनगर में तैनात वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक अवधेश कुमार का आरोप है कि बुधवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब वह अस्पताल के ओपीडी के पास पहुंचे तो सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल चंद्र की मौजूदगी में कुछ बाहरी लोग कमरे का ताला तोड़ रहे थे। विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। ओपीडी मे रखा नेत्र परीक्षण उपकरण बाहर फेंक दिया गया। आलमारी को ईटीसी वार्ड में रख दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल चंद्र का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां से सीएचसी मलौली अटैच किए गए डॉ. अंकुर सिंह वापस आ गए हैं। डॉक्टर के ओपीडी में बैठने के लिए कमरे की जरूरत थी। इसलिए पहले नेत्र परीक्षक को ओपीडी का कमरा खाली करके अस्पताल के दूसरे कक्ष में जाने को कहा गया था। जब उन्होंने कमरा खाली नहीं किया तो उनका सामान दूसरी जगह रखवा दिया गया। उन्होंने सिर्फ डांटा था, कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।
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अधीक्षक ने आरोपों को बताया निराधार, बोले केवल डांटा था
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। जिले की नोडल अफसर व प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वी झिमोमी हेकाली जब जिला अस्पताल का निरीक्षण कर रही थीं तो लगभग उसी वक्त धनघटा तहसील के नाथनगर सीएचसी में नेत्र चिकित्सक व सीएचसी अधीक्षक में टकराहट चल रही थी। नेत्र चिकित्सक का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक की मौजूदगी में ओपीडी के कमरे का ताला तोड़कर सामान इधर-उधर कर दिया गया। जबकि सीएचसी अधीक्षक का कहना था कि डॉक्टर के बैठने के लिए कमरे की व्यवस्था कराई गई है। नेत्र चिकित्सक ने इसकी शिकायत सीएमओ से की है।
सीएचसी नाथनगर में तैनात वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक अवधेश कुमार का आरोप है कि बुधवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब वह अस्पताल के ओपीडी के पास पहुंचे तो सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल चंद्र की मौजूदगी में कुछ बाहरी लोग कमरे का ताला तोड़ रहे थे। विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। ओपीडी मे रखा नेत्र परीक्षण उपकरण बाहर फेंक दिया गया। आलमारी को ईटीसी वार्ड में रख दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल चंद्र का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां से सीएचसी मलौली अटैच किए गए डॉ. अंकुर सिंह वापस आ गए हैं। डॉक्टर के ओपीडी में बैठने के लिए कमरे की जरूरत थी। इसलिए पहले नेत्र परीक्षक को ओपीडी का कमरा खाली करके अस्पताल के दूसरे कक्ष में जाने को कहा गया था। जब उन्होंने कमरा खाली नहीं किया तो उनका सामान दूसरी जगह रखवा दिया गया। उन्होंने सिर्फ डांटा था, कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।
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