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धूम-धाम से मनाया गया सालाना उर्स
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:47 PM IST
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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। बघौली ब्लॉक के ग्राम बभनी बौरा स्थित हजरत अब्दुल हमीद शाह का 33वां सालाना उर्स अकीदत के साथ सोमवार को मनाया गया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे अकीदतमंदों ने मजार पर चादर पेश किया। फातेहा पढ़कर सबने खुदा से अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना किया। साथ ही देश में अमन, भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं।
रविवार की रात में तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें इस्लामिक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। सोमवार की सुबह से ही उर्स के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मजार पर जायरीन की भारी भीड़ पहुंचने लगी थी। शाम ने असर की नमाज के बाद सज्जादानशीन पीर मोहम्मद कादिरी नेतृत्व में मजार पर चादर चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ और देर शाम तक चलता रहा। सज्जादानशीन ने बताया कि हजरत अब्दुल हमीद कादिरी ने शिक्षा के प्रसार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बड़ा योगदान दिया।
उन्होंने लोगों में इस्लामिक शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण काम किया। हजारों की संख्या में उनके मुरीद सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर एवं कुशीनगर जनपदों में हैं। उनका देहांत 1984 में मुहर्रम की 11 तारीख को हुआ था। इसी कारण हर वर्ष दसवीं मुहर्रम के एक दिन बाद उनके उर्स का आयोजन होता है। उर्स के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुधारा पुलिस सजग रही।
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रविवार की रात में तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें इस्लामिक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। सोमवार की सुबह से ही उर्स के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मजार पर जायरीन की भारी भीड़ पहुंचने लगी थी। शाम ने असर की नमाज के बाद सज्जादानशीन पीर मोहम्मद कादिरी नेतृत्व में मजार पर चादर चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ और देर शाम तक चलता रहा। सज्जादानशीन ने बताया कि हजरत अब्दुल हमीद कादिरी ने शिक्षा के प्रसार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बड़ा योगदान दिया।
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उन्होंने लोगों में इस्लामिक शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण काम किया। हजारों की संख्या में उनके मुरीद सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर एवं कुशीनगर जनपदों में हैं। उनका देहांत 1984 में मुहर्रम की 11 तारीख को हुआ था। इसी कारण हर वर्ष दसवीं मुहर्रम के एक दिन बाद उनके उर्स का आयोजन होता है। उर्स के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुधारा पुलिस सजग रही।
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