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सचल सीबीनॉट मशीन से खोजे गए 19 क्षय रोगी

Sun, 08 Aug 2021 12:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 12:04 AM IST
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19 tb patient found
सचल सीबीनॉट मशीन से खोजे गए 19 क्षय रोगी
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ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर 76 संभावित रोगियों की सीबीनॉट जांच की गई
वर्तमान में 1191 क्षय रोगियों काचल रहा है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दुर्गम स्थानों पर रहने वाले टीबी के मरीजों की जांच के लिए राज्य मुख्यालय से सचल सीबीनॉट मशीन आई है। मशीन के जरिये विभिन्न क्षेत्रों में जाकर टीबी के संभावित मरीजों की जांच की जा रही है। अब तक नाथनगर, हैंसर व खलीलाबाद, शनिचरा, सेमरियावां व मेंहदावल क्षेत्र में 76 संभावित रोगियों के सैंपल की जांच की गई। इसमें 18 सामान्य क्षय रोगी, जबकि एक मॉस ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) क्षय रोगी पाया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि यह सचल वैन क्षय रोग जांच की सीबी नॉट मशीन के जरिए करेगी। इस मशीन के द्वारा शनिचरा, मेंहदावल, सेमरियांवा, नाथनगर, हैंसर क्षेत्र में लोगों की जांच की गई है। सेमरियांवा के करमा खान गांव में विधायक जय चौबे ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान आठ संभावित क्षय रोगियों की जांच की गई, जिनमें से तीन पॉजिटिव आए। इस मशीन को लगाने का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले मरीजों की उनके क्षेत्र मेंपहुंचकर जांच करना है, ताकि उन्हें जिला मुख्यालय पर न आना पड़े। सीबीनॉट मशीन जिले में केवल जिला क्षय रोग कार्यालय में ही स्थित है। इस सचल वैन में सभी टेक्नीशियन और अन्य लोग मौजूद रहेंगे। जांच के दौरान जिनके अंदर टीबी के जीवाणु रहेंगे उन्हें स्थानीय सेंटर पर रेफर करेंगे। वहीं, जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनंद ने बताया कि क्षेत्र में जिन लोगों को भी टीबी से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी हो तो वे तुरंत ही मौके पर जाकर जांच करा लें, ताकि उनका शीघ्र ही इलाज शुरू हो सके। वर्तमान समय में 1191 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है।
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ये लक्षण दिखते हों तो जरूर कराए जांच
जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि सभी लोग अभियान में सहयोग करें। टीम उनके यहां जा रही है तो उन्हें अवश्य बताएं कि किसी के अंदर टीबी के लक्षण हैं या नहीं। इन लक्षणों में दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन का घटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार होना। रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगना आदि शामिल हैं।
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