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आग से 19 झोपड़ी जल कर राख
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:14 PM IST
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गांव के लोगों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे के करीब शार्ट सर्किट से एक व्यक्ति की झोपड़ी में आग लग गई। धीरे- धीरे आग फैलती चली गई और आस- पास के अन्य लोगों की झोपड़िया भी जल गई। मुंडेरवा थाने के सीयूजी नंबर पर फोन करके सूचना देने की कोशिश की ,लेकिन फोन नहीं उठा।
सूचना पर जिला पंचायत सदस्य अशोक चौधरी और प्रधान राजेश सिंह भी पहुंच गए। लोगो ने फायर बिग्रेड के साथ तहसील प्रशासन को घटना की सूचना दी। गांव वालों की मदद से पहुंचे फायर बिग्रेड के कर्मियों ने आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक 19 परिवारों की झोपड़ी और उसमें रखा सब सामान जल कर नष्ट हो गया। गांव के लोगों ने बताया कि राम दरश, श्रवण, छोटकन,सुलई, श्यामू, राम जनक, हरिकेश, राकेश,लीलावती, विनोद, गायत्री,कोईली, मुन्नीलाल, रंगीलाल, चंद्रावती, रामू,भेजू, जयकरन, उर्मिला की झोपड़ी जल गई।
जिससे पीड़ित परिवार के लोग बेघर तो हुए ही,साथ में भोजन के भी लाले पड़ गए। पीड़ित परिजन आग की घटना में सब कुछ बबार्द हो जाने के कारण दुखी थे। लोग यहीं कह रहे थे कि परिवार के सदस्यों के शरीर पर जो कपड़ा था,सिर्फ वहीं बचा है। ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि बेघर हुए पीड़ित परिवारों को कबंल और अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
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जिससे लोगों खाने और बिस्तर की समस्या न हो । तहसील के कर्मी भी गांव पहुंच गए थे और लोगों के हुए नुकसान का आंकलन करके रिपोर्ट तैयार करने में जुटे थे।
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सूचना पर जिला पंचायत सदस्य अशोक चौधरी और प्रधान राजेश सिंह भी पहुंच गए। लोगो ने फायर बिग्रेड के साथ तहसील प्रशासन को घटना की सूचना दी। गांव वालों की मदद से पहुंचे फायर बिग्रेड के कर्मियों ने आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक 19 परिवारों की झोपड़ी और उसमें रखा सब सामान जल कर नष्ट हो गया। गांव के लोगों ने बताया कि राम दरश, श्रवण, छोटकन,सुलई, श्यामू, राम जनक, हरिकेश, राकेश,लीलावती, विनोद, गायत्री,कोईली, मुन्नीलाल, रंगीलाल, चंद्रावती, रामू,भेजू, जयकरन, उर्मिला की झोपड़ी जल गई।
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जिससे पीड़ित परिवार के लोग बेघर तो हुए ही,साथ में भोजन के भी लाले पड़ गए। पीड़ित परिजन आग की घटना में सब कुछ बबार्द हो जाने के कारण दुखी थे। लोग यहीं कह रहे थे कि परिवार के सदस्यों के शरीर पर जो कपड़ा था,सिर्फ वहीं बचा है। ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि बेघर हुए पीड़ित परिवारों को कबंल और अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
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जिससे लोगों खाने और बिस्तर की समस्या न हो । तहसील के कर्मी भी गांव पहुंच गए थे और लोगों के हुए नुकसान का आंकलन करके रिपोर्ट तैयार करने में जुटे थे।