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पंचायतीराज विभाग ने शुरू की तैयारी
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:12 AM IST
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केंद्रीय टीम करेगी ओडीएफ घोषित गांवों की पड़ताल
नेशनल ऐनुअल रूरल सेम्पल सर्वे टीम जाएगी ओडीएफ गांवों में
छह जून से पहले ओडीएफ घोषित गांवों का देखेंगे हाल
शौचालय निर्माण व प्रयोग की लेगी जानकारी
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। जिले में इस वर्ष छह जून से पहले ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों की एक केंद्रीय टीम जांच करेगी। इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने तैयारियां शुरू करा दी है। डीपीआरओ ने सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को इसके लिए ग्राम पंचायतों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को भी जांच से पहले गांव में निगरानी करने को कहा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 2.34 लाख घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। सभी 794 ग्राम पंचायतों के 1605 राजस्व गांवों में इसके लिए अभियान चल रहा है। पंचायतीराज विभाग ने सभी 794 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रस्ताव भी जिला प्रशासन को भेज दिया है। यह दीगर है कि अब भी तमाम गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है। इस बीच स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की जमीनी हकीकत जानने व इससे संबंधित आंकड़े एकत्रित करने के लिए एक केंद्रीय टीम जिले में आने वाली है।
नेशनल ऐनुअल रुरल सेम्पल सर्वे (एनएआरएसएस) की यह टीम छह जून से पहले ओडीएफ घोषित गांवों में जाएगी और वहां परिवारों की संख्या, बने शौचालयों की संख्या, शौचालयों की वर्तमान हालत, खुले में शौच जाने वालों की संख्या, शौचालय निर्माण के बाद भी उनका उपयोग नहीं करने का कारण आदि से संबंधित आंकड़े एकत्रित करेगी। टीम ग्रामीणों तथा अफसरों से भी इस विषय में जानकारी लेगी।
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खराब हालात बदलने में जुटे अफसर
एनएआरएसएस टीम के आने की सूचना ने पंचायतीराज विभाग के जिम्मेदारों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, आंकड़े कागज में जितने दुरूस्त हैं, मौके पर हालात उतने ही जुदा। जनपद का शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां जरूरत अनुरूप शौचालय बन पाए हों। कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं जो ओडीएफ घोषित होने के बाद भी कमोवेश पहले जैसी हालत में हैं। ऐसे में अफसरों को इस बात की चिंता सता रही है कि टीम किसी ऐसे गांव में पहुंच गई तो राष्ट्रीय स्तर पर छवि खराब हो जाएगी। इसलिए गांवों में कर्मचारियों को लगाकर कार्य कराया जा रहा है।
सभी को दिया गया है निर्देश : डीपीआरओ
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि केंद्रीय सर्वे टीम के आने की सूचना मिली है। नवंबर में ही टीम के आने की संभावना है। टीम छह जून से पहले ओडीएफ बने गांवों में जाएगी। इसे देखते हुए सभी एडीओ पंचायत को जरूरी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। बेलहर ब्लॉक में इसके लिए एडीओ पंचायत व सचिवों के साथ बैठक की जा चुकी है।
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नेशनल ऐनुअल रूरल सेम्पल सर्वे टीम जाएगी ओडीएफ गांवों में
छह जून से पहले ओडीएफ घोषित गांवों का देखेंगे हाल
शौचालय निर्माण व प्रयोग की लेगी जानकारी
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। जिले में इस वर्ष छह जून से पहले ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों की एक केंद्रीय टीम जांच करेगी। इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने तैयारियां शुरू करा दी है। डीपीआरओ ने सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को इसके लिए ग्राम पंचायतों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को भी जांच से पहले गांव में निगरानी करने को कहा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 2.34 लाख घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। सभी 794 ग्राम पंचायतों के 1605 राजस्व गांवों में इसके लिए अभियान चल रहा है। पंचायतीराज विभाग ने सभी 794 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रस्ताव भी जिला प्रशासन को भेज दिया है। यह दीगर है कि अब भी तमाम गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है। इस बीच स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की जमीनी हकीकत जानने व इससे संबंधित आंकड़े एकत्रित करने के लिए एक केंद्रीय टीम जिले में आने वाली है।
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नेशनल ऐनुअल रुरल सेम्पल सर्वे (एनएआरएसएस) की यह टीम छह जून से पहले ओडीएफ घोषित गांवों में जाएगी और वहां परिवारों की संख्या, बने शौचालयों की संख्या, शौचालयों की वर्तमान हालत, खुले में शौच जाने वालों की संख्या, शौचालय निर्माण के बाद भी उनका उपयोग नहीं करने का कारण आदि से संबंधित आंकड़े एकत्रित करेगी। टीम ग्रामीणों तथा अफसरों से भी इस विषय में जानकारी लेगी।
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खराब हालात बदलने में जुटे अफसर
एनएआरएसएस टीम के आने की सूचना ने पंचायतीराज विभाग के जिम्मेदारों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, आंकड़े कागज में जितने दुरूस्त हैं, मौके पर हालात उतने ही जुदा। जनपद का शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां जरूरत अनुरूप शौचालय बन पाए हों। कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं जो ओडीएफ घोषित होने के बाद भी कमोवेश पहले जैसी हालत में हैं। ऐसे में अफसरों को इस बात की चिंता सता रही है कि टीम किसी ऐसे गांव में पहुंच गई तो राष्ट्रीय स्तर पर छवि खराब हो जाएगी। इसलिए गांवों में कर्मचारियों को लगाकर कार्य कराया जा रहा है।
सभी को दिया गया है निर्देश : डीपीआरओ
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि केंद्रीय सर्वे टीम के आने की सूचना मिली है। नवंबर में ही टीम के आने की संभावना है। टीम छह जून से पहले ओडीएफ बने गांवों में जाएगी। इसे देखते हुए सभी एडीओ पंचायत को जरूरी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। बेलहर ब्लॉक में इसके लिए एडीओ पंचायत व सचिवों के साथ बैठक की जा चुकी है।