फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   गोरख तलैया-कबीरधूनी को बनाया जाएगा पर्यटक स्थल

गोरख तलैया-कबीरधूनी को बनाया जाएगा पर्यटक स्थल

Tue, 16 Oct 2018 10:34 PM IST
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:34 PM IST
विज्ञापन
गोरख तलैया-कबीरधूनी को बनाया जाएगा पर्यटक स्थल
कबीर दास

विज्ञापन

संतकबीरनगर। करीब पांच सौ बरस पहले मगहर क्षेत्र को सूखा व अकाल से मुक्ति दिलाने के लिए आमी नदी के तट पर जिस जगह गुरू गोरखनाथ और संतकबीर ने बैठकर उपायों पर चर्चा की थी, उस जगह को अब पर्यटन के नक्शे पर महत्वपूर्ण जगह मिलेगी। गोरख तलैया-कबीरधूनी के नाम से प्रसिद्ध इस जगह पर भव्य पर्यटक स्थल का निर्माण कराया जाएगा। सांसद के प्रयास से पयर्टन विभाग ने इसके लिए तीन करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आमी नदी के तट पर तीन एकड़ जमीन की तलाश हो रही है।
गोरखपुर-लखनऊ हाइवे के किनारे आमी नदी पुल से पहले एक छोटी सी जगह है जिसे गोरख तलैया-कबीरधूनी के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर यहां चहल-पहल नहीं दिखती, मगर संतकबीर में आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह जगह बहुत महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि मगहर आने से पहले संत कबीर ने इसी जगह पर रुककर गुरू गोरखनाथ से मुलाकात की थी। इस जगह के महत्व को देखते हुए अब इसे भव्य पयर्टन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए संतकबीरनगर के सांसद शरद त्रिपाठी ने पयर्टन मंत्रालय को पत्र भेजा था। सांसद के प्रयास पर पर्यटन मंत्रालय ने इसे अपने प्रस्ताव में शामिल किया और इस स्थल के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की। तीन एकड़ क्षेत्रफल में होने वाले विकास कार्य के लिए जमीन की जरूरत है, जिसके अधिग्रहण के लिए प्रयास चल रहा है।
विज्ञापन


फोरलेन निर्माण के चलते कम हो गई जमीन
गोरख तलैया-कबीर धूनी के लिए दो एकड़ से ज्यादे जमीन पहले से ही आवंटित थी, मगर गोरखपुर-लखनऊ हाइवे के फोरलेन में परिवर्तित होने के बाद इसका कुछ हिस्सा सड़क में चला गया। पर्यटक स्थल के रुप में विकसित करने के लिए जगह कम पड़ रही है। इसलिए अब नदी के किनारे की खाली जमीन को अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कबीरपंथियों की आस्था से जुड़ा है यह स्थल
ऐसा माना जाता है कि 15वीं शदी में मगहर क्षेत्र में भयंकर सूखा व अकाल पड़ा था। यहां के जमींदारों ने काशी जाकर संत कबीर को मगहर आने और लोगों को उद्धार का तरीका बताने का आग्रह किया था। यहां पहुंचे संत कबीर ने आमी नदी के किनारे एक जगह बैठकर गुरू गोरखनाथ से इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा की थी। कबीरपंथी मानते हैं कि इस चर्चा के बाद गुरू गोरखनाथ ने अपना त्रिशुल जमीन में धंसा दिया था जहां से पानी की धारा बहने लगे। इसके बाद संतकबीर ने आमी नदी के दूसरे किनारे की गुफा में बैठकर धुनी (साधन) रमा ली थी। कुछ दिनों बाद क्षेत्र में वर्षा हुई और पूरा इलाका सुखी हो गया।

निर्माण पूरा होने से बढ़ेगा पर्यटन
गोरखपुर के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि गोरख तलैया-कबीरधूनी स्थल को भव्य पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए जरूरी जमीन की व्यवस्था के लिए प्रयास चल रहा है। इस स्थल के विकास के साथ ही मगहर आने वाले पर्यटकों की संख्या में और वृद्घि होगी। जल्दी ही कार्य शुरू कराया जाएगा।


सरकार की प्राथमिकता में है यह कार्य
सांसद शरद त्रिपाठी ने बताया कि गोरख तलैया-कबीरधूनी स्थल को भव्य रूप देने की यह कार्ययोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। इसके लिए तीन करोड़ रुपये के पर्यटन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। जमीन की व्यवस्था के लिए भी प्रयास हो रहा है। इसी वर्ष निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed