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दो वर्ष से फार्मासिस्ट के सहारे ही चल रहा दुधारा पीएचसी
Thu, 06 Jun 2019 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabir Nagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2019 11:35 PM IST
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सेमरियावां। दुधारा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। हालत यह है कि दो साल से यहां कोई चिकित्सक तैनात न होने के कारण यह अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारा पर करीब 50 हजार से अधिक लोगों की सेहत की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां सृजित पद के सापेक्ष काफी कम संख्या में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं। दुधारा निवासी मोहम्मद शाहिद, रफी अहमद, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरीश कुमार, पूर्व प्रधान मुशीर अहमद, मोहम्मद असलम, मोहम्मद सलमान आदि ने बताया कि केंद्र के भवन का निर्माण 1997 में हुआ था। उस समय लोगों को लगा था कि अस्पताल बन जाने से आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा। लेकिन यहां जो भी चिकित्सा अधिकारी तैनात हुए वह आए नहीं।
इधर दो वर्षों से यहां कोई भी चिकित्सक तैनात ही नहीं है। इस कारण अस्पताल संचालन की पूरी जिम्मेदारी फार्मासिस्ट जुबेर अहमद के कंधों पर है। ऐसे में क्षेत्र के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही परिसर में हर तरफ बड़ी-बड़ी घासें और गंदगी का अंबाल है, जिससे कीड़े मकोड़ों का बसेरा बना हुआ है। सीएचसी सेमरियावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल ने बताया कि चिकित्सकों की कमी है। उसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है, जहां तक गंदगी की बात है तो पीएचसी दुधारा में स्वीपर तैनात है गंदगी मिली तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारा पर करीब 50 हजार से अधिक लोगों की सेहत की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां सृजित पद के सापेक्ष काफी कम संख्या में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं। दुधारा निवासी मोहम्मद शाहिद, रफी अहमद, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरीश कुमार, पूर्व प्रधान मुशीर अहमद, मोहम्मद असलम, मोहम्मद सलमान आदि ने बताया कि केंद्र के भवन का निर्माण 1997 में हुआ था। उस समय लोगों को लगा था कि अस्पताल बन जाने से आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा। लेकिन यहां जो भी चिकित्सा अधिकारी तैनात हुए वह आए नहीं।
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इधर दो वर्षों से यहां कोई भी चिकित्सक तैनात ही नहीं है। इस कारण अस्पताल संचालन की पूरी जिम्मेदारी फार्मासिस्ट जुबेर अहमद के कंधों पर है। ऐसे में क्षेत्र के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही परिसर में हर तरफ बड़ी-बड़ी घासें और गंदगी का अंबाल है, जिससे कीड़े मकोड़ों का बसेरा बना हुआ है। सीएचसी सेमरियावां के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल ने बताया कि चिकित्सकों की कमी है। उसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है, जहां तक गंदगी की बात है तो पीएचसी दुधारा में स्वीपर तैनात है गंदगी मिली तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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