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सम्मान समारोह हुआ 16-54-35
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:56 PM IST
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14 विद्यार्थियों को मिला युवा साहित्यकार पुरस्कार
- एचआरपीजी कॉलेज में साहित्यकार सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में अखिल भारतीय साहित्य परिषद और हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नवोदित साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। हिंदी सप्ताह के पांचवें दिन आयोजित कार्यक्रम में 14 युवा साहित्यकारों को पुरस्कृत किया गया।
समारोह का संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. डीएन पांडेय ने कहा कि भारतीयता की पहचान हिंदी है। उच्च शिक्षा संस्थानों का दायित्व है कि हिंदी के प्रति हीनता का भाव त्याग कर हिंदी की उन्नति का कार्य करें। डॉ. अनुभव श्रीवास्तव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि हिंदी को याद करने के लिए एक दिन रखा गया है, लेकिन जरूरी यह है कि हिंदी के उत्थान के लिए हम दैनिक जीवन और जुबान से हिंदी को गायब न होने दें। अखिल भारतीय साहित्य परिषद गोरक्ष प्रांत के महामंत्री डॉ. प्रत्यूष दुबे ने कहा कि अपनी भाषा को समृद्धि प्रदान करने के लिए प्रतिदिन डायरी लेखन करना चाहिए। साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित भारती ने कहा कि हिंदी भाषा का प्रश्न स्वराज का प्रश्न है। विश्व फलक पर हिंदी तभी विराजमान होगी जब वो तकनीकी की भाषा, ज्ञान विज्ञान और रोजगार से अपने को जोड़ने में सफल होगी। कार्यक्रम में युवा साहित्यकार पुरस्कार राजेश कुमार यादव, दीपिका त्रिपाठी, सुषमा सिंह, संदीप शर्मा, वैष्णव, प्रीति, अपूर्वा, अभय, सीमा, शिवांगी, गुड़िया, अंजली, मीनाक्षी और नीलेश को दिया गया। साहित्य परिषद के महामंत्री डॉ. अमरनाथ पांडेय ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर डॉ. संध्या राय, नीरज त्रिपाठी, प्रिया अग्रहरी, अवनीश समेत महाविद्यालय के छात्र छात्राएं मौजूद रही।
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- एचआरपीजी कॉलेज में साहित्यकार सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में अखिल भारतीय साहित्य परिषद और हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नवोदित साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। हिंदी सप्ताह के पांचवें दिन आयोजित कार्यक्रम में 14 युवा साहित्यकारों को पुरस्कृत किया गया।
समारोह का संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. डीएन पांडेय ने कहा कि भारतीयता की पहचान हिंदी है। उच्च शिक्षा संस्थानों का दायित्व है कि हिंदी के प्रति हीनता का भाव त्याग कर हिंदी की उन्नति का कार्य करें। डॉ. अनुभव श्रीवास्तव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि हिंदी को याद करने के लिए एक दिन रखा गया है, लेकिन जरूरी यह है कि हिंदी के उत्थान के लिए हम दैनिक जीवन और जुबान से हिंदी को गायब न होने दें। अखिल भारतीय साहित्य परिषद गोरक्ष प्रांत के महामंत्री डॉ. प्रत्यूष दुबे ने कहा कि अपनी भाषा को समृद्धि प्रदान करने के लिए प्रतिदिन डायरी लेखन करना चाहिए। साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित भारती ने कहा कि हिंदी भाषा का प्रश्न स्वराज का प्रश्न है। विश्व फलक पर हिंदी तभी विराजमान होगी जब वो तकनीकी की भाषा, ज्ञान विज्ञान और रोजगार से अपने को जोड़ने में सफल होगी। कार्यक्रम में युवा साहित्यकार पुरस्कार राजेश कुमार यादव, दीपिका त्रिपाठी, सुषमा सिंह, संदीप शर्मा, वैष्णव, प्रीति, अपूर्वा, अभय, सीमा, शिवांगी, गुड़िया, अंजली, मीनाक्षी और नीलेश को दिया गया। साहित्य परिषद के महामंत्री डॉ. अमरनाथ पांडेय ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर डॉ. संध्या राय, नीरज त्रिपाठी, प्रिया अग्रहरी, अवनीश समेत महाविद्यालय के छात्र छात्राएं मौजूद रही।
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