{"_id":"5b6886ef4f1c1ba23e8b575a","slug":"141533576943-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान के करीब पहुंचा राप्ती का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान के करीब पहुंचा राप्ती का जलस्तर
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
मेंहदावल के करमैनी बेलौली-तटबंध पर बढ़ता राप्ती का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 78.15 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेंटीमीटर नीचे है। लेकिन करमैनी-बेलौली बांध से सटकर बह रही नदी के रौद्र रूप को देखकर लोग सहम गए हैं। इसकी वजह से नदी के किनारे बसे 15 से अधिक गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं।
शनिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 76.45 मीटर था। रात में जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़कर 76.65 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार को दोपहर 12 बजे जलस्तर 77.11 सेमी मापा गया। शाम चार बजे 78.15 मीटर तक पहुंच गया था। जलस्तर में लगतार हो रही वृद्धि से तटबंध से सटे गांव बेलौली, खैरा, थरौली, डुमरिया बाबू, विशुनपुर, कुसौना, बानडुमर, इंदरपुर, तिवारीपुर, छपिया तिवारी, छपिया पराग, नौगो, बेलौहा, करमैनी, भरथुआ आदि गांवों के लोग सहमे हुए हैं। पिछले वर्ष भी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 35 सेमी ऊपर पहुंच गया था। तब करमैनी-बेलौली तटबंध कई जगह पानी के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया था।इस वक्त नदी, बेलौली व जोरवा विशुनपुर में तटबंध से सटकर बह रही है। सहायक अभियंता प्रेमलाल का कहना है कि अभी तक तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बंधे की निगरानी की जा रही है। संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थानों की विशेष रूप से निगरानी हो रही है।
विज्ञापन
शनिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 76.45 मीटर था। रात में जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़कर 76.65 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार को दोपहर 12 बजे जलस्तर 77.11 सेमी मापा गया। शाम चार बजे 78.15 मीटर तक पहुंच गया था। जलस्तर में लगतार हो रही वृद्धि से तटबंध से सटे गांव बेलौली, खैरा, थरौली, डुमरिया बाबू, विशुनपुर, कुसौना, बानडुमर, इंदरपुर, तिवारीपुर, छपिया तिवारी, छपिया पराग, नौगो, बेलौहा, करमैनी, भरथुआ आदि गांवों के लोग सहमे हुए हैं। पिछले वर्ष भी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 35 सेमी ऊपर पहुंच गया था। तब करमैनी-बेलौली तटबंध कई जगह पानी के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया था।इस वक्त नदी, बेलौली व जोरवा विशुनपुर में तटबंध से सटकर बह रही है। सहायक अभियंता प्रेमलाल का कहना है कि अभी तक तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बंधे की निगरानी की जा रही है। संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थानों की विशेष रूप से निगरानी हो रही है।
विज्ञापन