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चिकित्सा व्यवस्था का हाल-बेहाल, लंबे समय से गायब हैं जिले में तैनात 14 चिकित्सक

Sun, 30 Jun 2019 06:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2019 06:39 PM IST
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14 Doctors are not available in district

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- 103 चिकित्सकों के सापेक्ष तैनाती 77 की, 48 ही कर रहे कार्य
- चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टरों की कमी के चलते सरकारी अस्पतालों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। जिले में चिकित्सकों के 103 पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष मात्र 77 की तैनाती है। उनमें से भी 14 डॉक्टर लंबे समय से गायब हैं। चिकित्सकों की कमी का सर्वाधिक असर ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों पर पड़ रहा है।
जिले में चिकित्सकों के कुल 103 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 77 चिकित्सकों की तैनाती है। परंतु हकीकत में हालत इससे भी अधिक खराब हैं। कारण यह है कि इसमें से मात्र 48 चिकित्सक ही कार्य कर रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि 14 चिकित्सक लंबे अर्से से ड्यूटी से गायब हैं। उन लोगों ने कोई कारण भी नहीं बताया है। इसको लेकर पूर्व के डीएम ने कड़े तेवर दिखाए थे। उन्होंने निर्देश दिया था कि इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन बात आई और चली गई। यही नहीं आठ चिकित्सक उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए चले गए हैं। जब तक यह चिकित्सक लौटकर नहीं आएंगे तब तक संकट बना ही रहेगा। इससे भी आश्चर्यजनक यह है कि जिले में चिकित्सकों की कमी के बावजूद सात चिकित्सकों को अन्यत्र संबद्ध कर दिया गया है। इसको लेकर भी स्वास्थ्य प्रशासन ने जवाब तलब किया था। बाद में कुछ दिनों ने इनकी संबद्धता समाप्त भी की गई लेकिन अब फिर पुराने ढर्रें पर ही काम चलाया जा रहा है। चिकित्सकों की इस कमी से सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर परेशानी बढ़ी है। अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अकेले डॉक्टर होने के चलते ओपीडी के बाद ताला लटक जाता है।
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ईएनटी डॉक्टर ही नहीं
डॉक्टरों की कमी से संयुक्त जिला अस्पताल भी जूझ रहा है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय में नाक, कान, गला के चिकित्सक ही नहीं हैं। जिला अस्पताल में हर दिन 10-15 मरीज ऐसे आते हैं जिन्हें ईएनटी विशेषज्ञ से इलाज की जरूरत होती है लेकिन डॉक्टर के अभाव में उन्हें गोरखपुर या बस्ती जाना पड़ता है।
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वरिष्ठ अफसरों को दी गई है जानकारी : सीएमओ
इस संबंध में सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने कहा कि बगैर सूचना के अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों के विषय में शासन को अवगत करा दिया गया है। जहां तक चिकित्सकों के संबद्ध होने की बात है तो यह उनके स्तर से नहीं हुआ है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। सीएचसी-पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों को ओपीडी के अलावा इमरजेंसी ड्यूटी के लिए भी निर्देशित किया गया है।
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