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पानी पहुंचने से पहले गांव कर दें खाली : डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:42 PM IST
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ऊफनाई घाघरा नदी।
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हैंसर। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को गायघाट गांव के पास पहुंच कर घाघरा नदी के कटान व बाढ़ को देखा। इस मौके पर अधिकारियों ने जहां गांव वालों को गांव में पानी पहुंचने के पहले घर छोड़ने की हिदायत दी वहीं मातहतों को नदी पर बराबर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर गांव के लोगों की मदद करने का निर्देश दिया।
घाघरा नदी इन दिनों कटान करते हुए रामपुर-मकदुमपुर एमबीडी बांध की तरफ तेजी के साथ बढ़ रही है। नदी और बांध के बीच बसे धनघटा तहसील के 38 गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। डीएम ने गायघाट गांव के पास पहुंच कर नदी की स्थित को देखा।
उन्होंने कहा कि नदी का पानी गांव में घुसने के पहले लोग अपने घरों को छोड़कर तिधरा में बनाए गए बाढ़ शरणालय में पहुंच जाए, जिससे जान माल की क्षति न होने पाए। उन्होंने जब ग्राम प्रधान से कहा कि यहां के लोग अगर बांध के इतर बसे तो उन्हेें आवास और जमीन सब प्रशासन मुहैया कराएगा।
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प्रधान रामनयन यादव ने कहा कि लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नही हो रहे है। प्रधान तुकर्वलिया नायक गांव के पूरब तीन जगहों पर नदी की धारा को मोड़ने के लिए ठोकर बनाए जाने की मांग की। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसडीएम बाबूराम ने बताया कि गायघाट गांव के 11 मजरो में करीब सात सौ परिवार निवास कर रहा है। गांव में पानी पहुंचने पर उनके रहने और खाने की व्यवस्था कर ली गई है।
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घाघरा नदी इन दिनों कटान करते हुए रामपुर-मकदुमपुर एमबीडी बांध की तरफ तेजी के साथ बढ़ रही है। नदी और बांध के बीच बसे धनघटा तहसील के 38 गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। डीएम ने गायघाट गांव के पास पहुंच कर नदी की स्थित को देखा।
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उन्होंने कहा कि नदी का पानी गांव में घुसने के पहले लोग अपने घरों को छोड़कर तिधरा में बनाए गए बाढ़ शरणालय में पहुंच जाए, जिससे जान माल की क्षति न होने पाए। उन्होंने जब ग्राम प्रधान से कहा कि यहां के लोग अगर बांध के इतर बसे तो उन्हेें आवास और जमीन सब प्रशासन मुहैया कराएगा।
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प्रधान रामनयन यादव ने कहा कि लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नही हो रहे है। प्रधान तुकर्वलिया नायक गांव के पूरब तीन जगहों पर नदी की धारा को मोड़ने के लिए ठोकर बनाए जाने की मांग की। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसडीएम बाबूराम ने बताया कि गायघाट गांव के 11 मजरो में करीब सात सौ परिवार निवास कर रहा है। गांव में पानी पहुंचने पर उनके रहने और खाने की व्यवस्था कर ली गई है।