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अग्रसेन जयंती पर शहर में निकाली गई भव्य शोभा यात्रा
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:07 PM IST
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संतकबीरनगर। महाराज अग्रसेन जयंती पर बुधवार को शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा को सांसद शरद त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाई। अग्रहरि समाज के प्रदेश संरक्षक बनार्जी लाल अग्रहरि की अगुवाई में नेहरू चौक से निकली शोभा यात्रा समय माता मंदिर होते हुए बैंक चौराहे से नेहरू चौक मुखलिसपुर पर समाप्त हुई।
शहर के होटल में आयोजित गोष्ठी में सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन वैश्य समाज के जनक माने जाते हैं। इन्हें मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं से भी काफी लगाव था। अपने राज्य में यज्ञों में पशु की आहुति को गलत ठहराते हुए क्षत्रिय धर्म त्याग कर वैश्य धर्म की स्थापना की थी। महाराजा अग्रसेन ने महाभारत काल में पांडवों के पक्ष में युद्ध भी किया था। इंद्र देवता को भी युद्ध में परास्त करने का श्रेय इन्हें मिल चुका है। अग्रहरि समाज के प्रदेश संरक्षक बनार्जी लाल अग्रहरि ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के राज्य में हमेशा ही खुशहाली रहती थी। जो गरीब लोग उनके पास पहुंचते थे, उन्हें एक सोने का ईट व एक रुपये देने का कार्य करते थे। जिससे उनके राज्य में सभी खुशहाल थे। महाराजा अग्रसेन ने अपने विचारों एवं कर्मठता के बल पर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। इन्होंने अपने कार्यों की बदौलत इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि अग्र का अर्थ अगड़ा होता है। जिसके आगे अग्र हो वह व्यापार एवं सामाजिक, आर्थिक रूप से आगे होता है। उन्होंने स्वच्छता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हुए लोग संकल्प लें कि कूड़ा सड़क पर न फेंके, उसे कूडे़दान में ही डालें। एसपी हेमराज मीणा ने कहा कि महाराजा अग्रसेन की जयंती पर सभी यह संकल्प लें कि वह मानवता धर्म का पालन करेंगे। इस दौरान प्रतिभावान बच्चे एवं बच्चियों को डीएम-एसपी ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में सदर विधायक जय चौबे, हनुमान प्रसाद अग्रहरि, श्रीधर अग्रहरि, सुनील अग्रहरि, दुष्यंत अग्रहरि, सुनीता अग्रहरि, जगत जायसवाल, प्रहलाद अग्रहरि, ओम प्रकाश अग्रहरि, प्रेमशंकर अग्रहरि, प्रहलाद वर्मा, रमाकांत अग्रहरि, डॉक्टर विजय गुप्ता, सोनी अग्रहरि, मूलचंद अग्रहरि, उदयराज, लालजी, सुरेंद्र, आशुतोष, बिट्टू, राजन, संजय, अभिषेक, जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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शहर के होटल में आयोजित गोष्ठी में सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन वैश्य समाज के जनक माने जाते हैं। इन्हें मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं से भी काफी लगाव था। अपने राज्य में यज्ञों में पशु की आहुति को गलत ठहराते हुए क्षत्रिय धर्म त्याग कर वैश्य धर्म की स्थापना की थी। महाराजा अग्रसेन ने महाभारत काल में पांडवों के पक्ष में युद्ध भी किया था। इंद्र देवता को भी युद्ध में परास्त करने का श्रेय इन्हें मिल चुका है। अग्रहरि समाज के प्रदेश संरक्षक बनार्जी लाल अग्रहरि ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के राज्य में हमेशा ही खुशहाली रहती थी। जो गरीब लोग उनके पास पहुंचते थे, उन्हें एक सोने का ईट व एक रुपये देने का कार्य करते थे। जिससे उनके राज्य में सभी खुशहाल थे। महाराजा अग्रसेन ने अपने विचारों एवं कर्मठता के बल पर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। इन्होंने अपने कार्यों की बदौलत इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। डीएम मार्कंडेय शाही ने कहा कि अग्र का अर्थ अगड़ा होता है। जिसके आगे अग्र हो वह व्यापार एवं सामाजिक, आर्थिक रूप से आगे होता है। उन्होंने स्वच्छता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हुए लोग संकल्प लें कि कूड़ा सड़क पर न फेंके, उसे कूडे़दान में ही डालें। एसपी हेमराज मीणा ने कहा कि महाराजा अग्रसेन की जयंती पर सभी यह संकल्प लें कि वह मानवता धर्म का पालन करेंगे। इस दौरान प्रतिभावान बच्चे एवं बच्चियों को डीएम-एसपी ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में सदर विधायक जय चौबे, हनुमान प्रसाद अग्रहरि, श्रीधर अग्रहरि, सुनील अग्रहरि, दुष्यंत अग्रहरि, सुनीता अग्रहरि, जगत जायसवाल, प्रहलाद अग्रहरि, ओम प्रकाश अग्रहरि, प्रेमशंकर अग्रहरि, प्रहलाद वर्मा, रमाकांत अग्रहरि, डॉक्टर विजय गुप्ता, सोनी अग्रहरि, मूलचंद अग्रहरि, उदयराज, लालजी, सुरेंद्र, आशुतोष, बिट्टू, राजन, संजय, अभिषेक, जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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