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नही थम रही घाघरा नदी की कटान

Thu, 26 Jul 2018 11:46 PM IST
Updated Thu, 26 Jul 2018 11:46 PM IST
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नही थम रही घाघरा नदी की कटान
पानी से लबालब हुए खेत। - फोटो : Amar Ujala
हैंसर (संतकबीरनगर)। घाघरा नदी का जल स्तर दो दिनों से स्थिर बना हुआ है। नदी की तेज धार जमीन की कटान करती जा रही है। रोजाना दो से चार बीघा खेती योग्य भूमि नदी की धारा से समा रही है। नदी की कटान न रुकने से दियारा वासियों के चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नदी कटान करके दियारा में बसे सैकड़ों किसानों को भूमिहीन बना दी है, लेकिन शासन प्रशासन न तो कटान रोकने का प्रबंध कर रहा है और न ही नदी में विलीन हुई खेती का मुआवजा दे रहा है। एमबीडी बांध और घाघरा नदी के बीच धनघटा तहसील के 18 गांव बसे हुए है। यहां के लोगों का आशियाना जहां नदी के जद में है वही खेती भी नदी की धारा में बिलीन हो रही है। क्षेत्र के रामप्रीत, संजय, रामशंकर, दीनानाथ, सुरेश आदि का कहना है कि गायघाट, सुअरहा, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, दौलतपुर, भौवापार, सरैया, खरैया, सियारामअधीन सिंह समेत 38 गांव के लोगों की पूरी खेती नदी के किनारे है। लोगों ने बताया कि नदी अब तक 60 से अधिक लोगों को भूमिहीन बना डाली है। यहां के किसान प्रति वर्ष धान व गेहूं , गंजी, मूंगफली, बाजरा की फसल तैयार करके अपनी आजीविका चलाते थे, लेकिन इस वर्ष नदी ने कटान करके फसल समेत जमीन को अपने आगोश में ले लिया है। किसानों का कहना है कि कटान तो कुछ न कुछ नदी हर साल करती रही है लेकिन इस साल जिस तरह की कटान हो रही है उसे देख यही अंदाजा लगा रहा है कि अब दियारे में रहने वालों के घर भी नदी में समा जाएंगे। एसडीएम बाबूराम ने कहा कि नदी की स्थित पर नजर रखी जा रही है। लेखपाल व कानूनगो को लगाया गया है जो नुकसान का आंकलन करके रिपोर्ट देंगे।
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