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संभल के बाद अब सिरसी में महिलाओं ने किया एनआरसी और सीएए बिल का विरोध
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सिरसी में एनआरसी और सीएए बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल में रविवार को हुए बड़े प्रदर्शन के बाद सोमवार को सिरसी में एनआरसी और सीसीए के विरोद महिलाओं ने प्रदर्शन किया हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने बिल वापस लेने की सरकार से मांग की है। साथ ही सरकार पर भेदभाव कानून बनाने का आरोप लगाया है। इस विरोध प्रदर्शन में दर्जनों महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं।
सिरसी के मोहल्ला सादात में दर्जनों की संख्या में महिलाएं और युवतियां एकत्र हुईं।
महिलाओं ने एनआरसी और सीएए बिल को लेकर विरोध जताया। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने भेदभाव पैदा करने वाला कानून बनाया है। यह संविधान के खिलाफ है। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस और प्रशासन से अत्याचार करा रही है। पुलिस की गोलियों से कई लोग जान गवां चुके हैं।
सरकार के इस रवैये से देशभर के मुस्लिमों में आक्रोश है। प्रदर्शन कर रही महलिाओं ने कहा कि सरकार इस काले कानून को जब तक वापस नहीं लेगी तब तक मुस्लिम समाज शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करता रहेगा।
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महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून को काला कानून अंसैधानिक बताया। इस दौरान महिलाओं ने हिन्दुस्तान जिंदाबाद, एनआरसी और सीएए बिल रिजेक्ट के नारे लगाए। महिलाओं के इस प्रदर्शन के दौरान कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहंीं आई। महिलाओं का ज्ञापन लेने भी कोई पुलिस या प्रशासन का जिम्मेदार नहीं पहुंचा। यह जुलूस दरगाह पर जाकर समाप्त हो गया।
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सिरसी के मोहल्ला सादात में दर्जनों की संख्या में महिलाएं और युवतियां एकत्र हुईं।
महिलाओं ने एनआरसी और सीएए बिल को लेकर विरोध जताया। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने भेदभाव पैदा करने वाला कानून बनाया है। यह संविधान के खिलाफ है। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस और प्रशासन से अत्याचार करा रही है। पुलिस की गोलियों से कई लोग जान गवां चुके हैं।
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सरकार के इस रवैये से देशभर के मुस्लिमों में आक्रोश है। प्रदर्शन कर रही महलिाओं ने कहा कि सरकार इस काले कानून को जब तक वापस नहीं लेगी तब तक मुस्लिम समाज शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करता रहेगा।
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महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून को काला कानून अंसैधानिक बताया। इस दौरान महिलाओं ने हिन्दुस्तान जिंदाबाद, एनआरसी और सीएए बिल रिजेक्ट के नारे लगाए। महिलाओं के इस प्रदर्शन के दौरान कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहंीं आई। महिलाओं का ज्ञापन लेने भी कोई पुलिस या प्रशासन का जिम्मेदार नहीं पहुंचा। यह जुलूस दरगाह पर जाकर समाप्त हो गया।