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लक्ष्य पूरा करने को अब मोबाइल क्रय केंद्र से होगी गेहूं की खरीद
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सरकारी क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के मुताबिक गेहूं की खरीद नहीं हो पा रहा है। विभाग के निर्देशानुसार अब लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्रय केंद्र प्रभारी ग्राम प्रधानों और राशन विक्रेताओं से बात करेंगे, बाद में गांव में ही ट्रक लोड की संभावना होने पर गांव के पंचायत भवन में मोबाइल क्रय केंद्र खोलकर गेहूं की खरीद की जाएगी। जिससे ग्रामीणों को मंडी गेहूं ले जाने के अतिरिक्त भाड़े से भी छुटकारा मिलेगा।
जिले में एक अप्रैल से 71 क्रय केंद्र गेहूं खरीद के लिए खोले गए थे। एक माह बीतने के बाद भी सिर्फ 35 क्रय केंद्रों पर ही 272.90 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। जबकि अन्य 36 क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। जिले को 90 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है। ऐसे में लक्ष्य पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन रहा है। बाजार में एमएसपी से ज्यादा दाम पर गेहूं बिक रहा है, तो किसान क्रय केंद्रों से किनारा कर रहे हैं। शासन से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये है। इसी में फसल को केंद्र तक पहुंचाने का भाड़ा व पल्लेदारी भी शामिल है, जबकि आढ़ती भी दो हजार रुपये तक गेहूं का दाम किसानों को दे रहे हैं।
खरीद बढ़ाने के लिए सरकार ने गांव-गांव मोबाइल क्रय केंद्र खोलकर किसानों का गेहूं खरीदने का निर्णय किया है। शासन के आदेश के बाद डीएम मनीष बसंल ने खाद्य एवं रसद महकमे को गांवों में जाकर गेहूं खरीद करने का निर्देश दिए हैं। डिप्टी आरएमओ विजयेता सिंह ने बताया कि अब किसानों को क्रय केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी मूल्य पर उनके गांव में ही गेहूं की खरीद की जाएगी। मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद होगी। इस संबंध में क्रय केंद्र प्रभारी ग्रामीण क्षेत्र के राशन विक्रेताओं व ग्राम प्रधानों से बात करेंगे। जिन गांवों में ट्रक लोड गेहूं खरीद की संभावना होगी। वहां पंचायत भवन में मोबाइल क्रय केंद्र खोलकर खरीद की जाएगी। यहां से ट्रक में लोड कर गेहूं सीधा भारतीय खाद्य निगम को भेज दिया जाएगा।
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सभी क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के राशन विक्रेता व ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में विभिन्न गांवों में चौपाल आयोजित कर कृषकों को गेहूं विक्रय के संबंध में जानकारी दी जा रही है। अभी तक 25 गांवों में चौपाल लगाई जा चुकी है। 35 क्रय केंद्रों पर 272.90 मीट्रिक टन की खरीद हुई है।
विजयेता सिंह, डिप्टी आरएमओ, संभल
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जिले में एक अप्रैल से 71 क्रय केंद्र गेहूं खरीद के लिए खोले गए थे। एक माह बीतने के बाद भी सिर्फ 35 क्रय केंद्रों पर ही 272.90 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। जबकि अन्य 36 क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। जिले को 90 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है। ऐसे में लक्ष्य पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन रहा है। बाजार में एमएसपी से ज्यादा दाम पर गेहूं बिक रहा है, तो किसान क्रय केंद्रों से किनारा कर रहे हैं। शासन से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये है। इसी में फसल को केंद्र तक पहुंचाने का भाड़ा व पल्लेदारी भी शामिल है, जबकि आढ़ती भी दो हजार रुपये तक गेहूं का दाम किसानों को दे रहे हैं।
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खरीद बढ़ाने के लिए सरकार ने गांव-गांव मोबाइल क्रय केंद्र खोलकर किसानों का गेहूं खरीदने का निर्णय किया है। शासन के आदेश के बाद डीएम मनीष बसंल ने खाद्य एवं रसद महकमे को गांवों में जाकर गेहूं खरीद करने का निर्देश दिए हैं। डिप्टी आरएमओ विजयेता सिंह ने बताया कि अब किसानों को क्रय केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी मूल्य पर उनके गांव में ही गेहूं की खरीद की जाएगी। मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद होगी। इस संबंध में क्रय केंद्र प्रभारी ग्रामीण क्षेत्र के राशन विक्रेताओं व ग्राम प्रधानों से बात करेंगे। जिन गांवों में ट्रक लोड गेहूं खरीद की संभावना होगी। वहां पंचायत भवन में मोबाइल क्रय केंद्र खोलकर खरीद की जाएगी। यहां से ट्रक में लोड कर गेहूं सीधा भारतीय खाद्य निगम को भेज दिया जाएगा।
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सभी क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के राशन विक्रेता व ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में विभिन्न गांवों में चौपाल आयोजित कर कृषकों को गेहूं विक्रय के संबंध में जानकारी दी जा रही है। अभी तक 25 गांवों में चौपाल लगाई जा चुकी है। 35 क्रय केंद्रों पर 272.90 मीट्रिक टन की खरीद हुई है।
विजयेता सिंह, डिप्टी आरएमओ, संभल