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सरकारी खरीदारी बंद होते ही गेहूं के दाम हुए धड़ाम
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चंदौसी। गेहूं की सरकारी खरीद बंद होते ही खुले बाजार में इसकी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खुले में गेहूं के रेट 1550 से 1625 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। यह रेट सरकार द्वारा घोषित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 350 से 425 रुपये प्रति क्विंटल तक कम है। व्यापारियों की मानें, तो सरकार के द्वारा राशन कार्ड धारकों को मुफ्त अनाज देने के कारण बाजार में मांग घटी है। इस वजह से कीमतों में गिरावट आई है।
संभल जनपद में करीब पांच लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। इस साल 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी केंद्रों पर खरीद हो पाई है। इस खरीद सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 1975 रुपये क्विंटल निर्धारित था और 22 जून तक क्रय केंद्रों पर खरीद हुई। इस बार किसानों ने पिछले साल के मुकाबले करीब 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं अधिक बेचा है। जब क्रय केंद्र चल रहे थे, तब बाजार में गेहूं के दाम करीब 1700 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल थे। अब दाम घटकर 1625 -1550 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह गए हैं।
किसानों के लिए लागत निकालना भी हुआ मुश्किल
किसानों के मुताबिक एक हेक्टेयर में औसतन करीब 40 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। वर्तमान मूल्य के हिसाब से गेहूं के दाम 60 हजार रुपये हैं। वही एक हेक्टेयर गेहूं के उत्पादन में 60,400 हजार रुपये की लागत आती है। इसमें किसानों की अपनी मजदूरी शामिल नहीं हैं। ऐसे में किसानों को बचत नहीं हो रही है। उसे शामिल कर लिया जाए, तो किसानों को काफी नुकसान होगा।
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किसानों के मुताबिक एक हेक्टेयर में गेहूं उत्पादन में लागत:
जमीन की चार जुताई- 2400
बीज पर व्यय- 3300
गोबर खाद- 15000
बुआई पर खर्च- 4700
सिंचाई एवं अन्य खर्च- 8000
उर्वरक व्यय- 6000
कटाई से लेकर बाजार में बेचने तक व्यय- 21000
कुल- 60,400
जिले में गेहूं की फसल एक नजर में:
-कुल उत्पादन करीब पांच लाख मीट्रिक टन
-सरकारी केंद्रों पर बिक्री 89 हजार मीट्रिक टन
-एक हेक्टेयर भूमि में गेहूं की औसत पैदावार करीब 40 क्विंटल
-वर्तमान में गेहूं के बाजार मूल्य 1550 से 1625 रुपये प्रति क्विंटल तक
-किसान की लागत 60,400, मौजूद दाम पर लागत 62,000 रुपये।
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संभल जनपद में करीब पांच लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। इस साल 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी केंद्रों पर खरीद हो पाई है। इस खरीद सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 1975 रुपये क्विंटल निर्धारित था और 22 जून तक क्रय केंद्रों पर खरीद हुई। इस बार किसानों ने पिछले साल के मुकाबले करीब 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं अधिक बेचा है। जब क्रय केंद्र चल रहे थे, तब बाजार में गेहूं के दाम करीब 1700 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल थे। अब दाम घटकर 1625 -1550 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह गए हैं।
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किसानों के लिए लागत निकालना भी हुआ मुश्किल
किसानों के मुताबिक एक हेक्टेयर में औसतन करीब 40 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। वर्तमान मूल्य के हिसाब से गेहूं के दाम 60 हजार रुपये हैं। वही एक हेक्टेयर गेहूं के उत्पादन में 60,400 हजार रुपये की लागत आती है। इसमें किसानों की अपनी मजदूरी शामिल नहीं हैं। ऐसे में किसानों को बचत नहीं हो रही है। उसे शामिल कर लिया जाए, तो किसानों को काफी नुकसान होगा।
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किसानों के मुताबिक एक हेक्टेयर में गेहूं उत्पादन में लागत:
जमीन की चार जुताई- 2400
बीज पर व्यय- 3300
गोबर खाद- 15000
बुआई पर खर्च- 4700
सिंचाई एवं अन्य खर्च- 8000
उर्वरक व्यय- 6000
कटाई से लेकर बाजार में बेचने तक व्यय- 21000
कुल- 60,400
जिले में गेहूं की फसल एक नजर में:
-कुल उत्पादन करीब पांच लाख मीट्रिक टन
-सरकारी केंद्रों पर बिक्री 89 हजार मीट्रिक टन
-एक हेक्टेयर भूमि में गेहूं की औसत पैदावार करीब 40 क्विंटल
-वर्तमान में गेहूं के बाजार मूल्य 1550 से 1625 रुपये प्रति क्विंटल तक
-किसान की लागत 60,400, मौजूद दाम पर लागत 62,000 रुपये।