संभल। जिले में गेहूं खरीद को लेकर शासन की तरफ से क्रय नीति जारी की जा चुकी है। इसके तहत अगर किसी किसान के घर पर 50 क्विंटल से ज्यादा गेहूं पड़ा है, तो उसे बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्र और अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। मोबाइल क्रय नीति के तहत केंद्र प्रभारी उसके यहां जाकर गेहूं की खरीद करेंगे, लेकिन जिले में ऐसा नहीं हो पा रहा है। अगर ऐसा किया जाता है, तो किसानों को भी लाभ होगा और जनपद में गेहूं खरीद का लक्ष्य भी पूरा हो सकता है।
शासन के निर्देश पर जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है और गेहूं खरीद के लिए 61 सरकारी क्रय केंद्रों को खोला गया है। यहां सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदारी की जानी है पर संभल की मंडी में सिर्फ 250 क्विंटल ही खरीद हो सकी है। जबकि यहां खरीद के लिए चार क्रय केंद्र बने हुए हैं। शासन द्वारा गेहूं खरीद को लेकर क्रय नीति जारी की गई थी। इसके तहत राजकीय गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जिस गांव में एक ट्रक लोड करने के बराबर गेहूं किसान मिलकर या अकेले बेचने को तैयार हैं, वहां पर क्रय केंद्र प्रभारी मौके पर जाकर गेहूं की खरीद करें और वहीं से गेहूं लदवाकर एफसीआई के गोदाम पर सीधे भेज दें लेकिन इसे लेकर अधिकारी चिंतित नहीं हैं। केंद्र प्रभारी किसानों से संपर्क नहीं कर रहे हैं और न मोबाइल क्रय नीति के बारे में किसानों को जानकारी दे रहे हैं।