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चंदौसी-बहजोई का पानी अच्छा लेकिन बबराला का पानी पीने योग्य नहीं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 02:00 AM IST
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water testing in sambhal
water testing in sambhal
चंदौसी। अपनी सेहत को लेकर संवेदनशील रहने वाले चंदौसी के लोगों के लिए तो अच्छी खबर है, क्योंकि चंदौसी का पेयजल मानक के अनुरूप पाया गया है लेकिन जिले में बबराला का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है। बहजोई का पानी भी औसतन ठीक पाया गया है। संभल के पेयजल का परीक्षण 25 जुलाई को किया जाएगा।
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यह हम नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की रिपोर्ट कहती हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर जिलेभर में खाद्य वस्तुओं की त्वरित जांच के लिए भेजी गई प्रयोगशाला वाली वैन इन दिनों जिले में हैं। 13 से 25 जुलाई तक जिले में रहकर खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच कर रही है। चंदौसी के कंपनी बाग में विभिन्न वस्तुओं की जांच के साथ-साथ जब लोगों ने अपने घरों के सबमर्सिबल, हैंडपंपों आदि की जांच कराई तो रिपोर्ट राहतभरी थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि सर्वोत्तम पेयजल तो 200 टीडीएस के आसपास का होता है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 500 टीडीएस तक के पानी को पीने लायक होने की संस्तुति की है।
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बहजोई में चंद्रशेखर ने घर के हैंडपंप का पानी चेक कराया तो 325 टीडीएस पाया गया। यहां के जितने भी सैंपल जांचे गए हैं, सभी का टीडीसी 500 से नीचे पाया गया है। चंदौसी में मंतेष वार्ष्णेय सहित कई लोगों ने हैंडपंपों, सबमर्सिबल आदि का पानी चेक कराया तो औसतन पानी 280 से 350 टीडीएस तक का पानी पाया गया है जो पीने के लिए बेहतर है। लेकिन 23 जुलाई को बबराला में वैन मौजूद थी।
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कई लोगों के घरों के हैंडपंप का पानी चेक किया गया। जिसमें उमेश चंद्र के घर के पानी का टीडीएस 676, अर्जुन के घर का 660, प्रमोद माथुर के हैंडपंप का 509, नीरज सिंह के हैंडपंप के पानी का टीडीएस 663 पाया गया है।

इसी तरह से यहां 21 लोगों के हैंडपंपों का पानी चेक किया लेकिन सभी का पानी 500 से 700 टीडीसी के बीच पाया गया है। जो पानी पीने योग्य नहीं माना जा सकता है। इस पानी से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। बबराला गंगा के किनारे हैं, यहां का पानी तो और अधिक शुद्ध होना चाहिए था लेकिन यह तो मानक के विपरीत पाया गया है। माना जा रहा है कि यहां पर फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त पानी के जमीन के अंदर से जाने से ऐसी समस्या पैदा हुई होगी। कुछ अन्य भी कारण हो सकते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बबराला के पेयजल की जांच की जाएगी। अभी संभल के पानी की जांच नहीं हो सकी है। इसकी जांच के लिए विभागीय निशुल्क जांच के लिए आई प्रयोगशाला वैन 25 जुलाई को संभल में रहेगी। लोग अपने घरों का पानी चेक करा सकते हैं।
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