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रघुपुर पुख्ता में घुसा गंगा का पानी
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:34 AM IST
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नरौरा बांध पर बहता गंगा का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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उफान पर चल रही गंगा नदी में नरौरा से बांध से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद इसने बाढ़ का रूप ले लिया है। इसके चलते गुन्नौर तहसील के रघुपुर पुख्ता गांव में एक बार फिर से पानी घुस गया है। जहां प्राथमिक विद्यालय के गेट पर चार फीट पानी बह रहा है।
स्कूली बच्चों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव के चारों ओर पानी ही पानी है और घरों के आसपास भी पानी ने दस्तक दे दी है। बुधवार को ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हुई। जहां फसलें पहले ही जलमग्न हो चुकी है। गंभीर बात यह है कि पहाड़ों पर बरसात लगातार जारी है और हरिद्वार में गंगा के पानी में लगातार वृद्घि हो रही है। इससे अगले एक-दो दिन में ग्रामीणों की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं।
पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है। सहयोगी नदियों के पानी मिलने के बाद हरिद्वार में गंगा जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण हरिद्वार और बिजनौर बांध से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है और इसके दबाव में नरौरा बांध से भी लगातार अत्यधिक पानी छोड़ा जा रहा है।
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नरौरा में मंगलवार को 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अगले दिन इसमें वृद्घि हुई और बुधवार की शाम छह बजे नरौरा से गंगा की मुख्यधारा में 1,71,741 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया। नरौरा में गंगा नदी का जलस्तर 178.39 मीटर है जोकि खतरे के निशान (178.76 मीटर) से 37 सेमी नीचे है।
अगर पहाड़ों पर बरसात होती रही तो नरौरा में गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी, जिससे बाढ़ प्रभावित वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। गंगा में बढ़ते जलस्तर के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। गांव में टीम को भेजकर निगरानी कराई जा रही है। ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।
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स्कूली बच्चों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव के चारों ओर पानी ही पानी है और घरों के आसपास भी पानी ने दस्तक दे दी है। बुधवार को ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हुई। जहां फसलें पहले ही जलमग्न हो चुकी है। गंभीर बात यह है कि पहाड़ों पर बरसात लगातार जारी है और हरिद्वार में गंगा के पानी में लगातार वृद्घि हो रही है। इससे अगले एक-दो दिन में ग्रामीणों की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं।
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पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है। सहयोगी नदियों के पानी मिलने के बाद हरिद्वार में गंगा जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण हरिद्वार और बिजनौर बांध से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है और इसके दबाव में नरौरा बांध से भी लगातार अत्यधिक पानी छोड़ा जा रहा है।
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नरौरा में मंगलवार को 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अगले दिन इसमें वृद्घि हुई और बुधवार की शाम छह बजे नरौरा से गंगा की मुख्यधारा में 1,71,741 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया। नरौरा में गंगा नदी का जलस्तर 178.39 मीटर है जोकि खतरे के निशान (178.76 मीटर) से 37 सेमी नीचे है।
अगर पहाड़ों पर बरसात होती रही तो नरौरा में गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी, जिससे बाढ़ प्रभावित वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। गंगा में बढ़ते जलस्तर के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। गांव में टीम को भेजकर निगरानी कराई जा रही है। ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।