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Sambhal News: तेंदुआ पकड़ने के लिए चंदे की बकरी का इंतजार
Mon, 11 Aug 2025 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:58 AM IST
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संभल। गांव हरसिंहपुर में तेंदुए को पकड़ने की उम्मीद में वन विभाग ने पिंजरा तो लगा दिया है, लेकिन अभी तक बकरी नहीं बांधी है। खास बात यह है कि बकरी खरीदने के लिए जो धनराशि चाहिए, उसे चंदे से जुटाने का इंतजार है। ग्रामीणों में यह चर्चा चल रही है। हालांकि क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि अभी तेंदुए के पदचिन्ह तलाश किए जा रहे हैं। बारिश के चलते पदचिन्ह नहीं मिल सके हैं।
गांव हरसिंहपुर में लगातार दो रात से बकरियों पर हमले के बाद शनिवार को गांव निवासी उस्मान ने अपनी छत से जंगली जानवर देखने का दावा किया। उन्होंने बताया कि वह छत पर सो रहे थे। रात्रि में उनके घर के निकट दो जानवर थे। देखने से एक लकड़बग्गा लग रहा था, जबकि दूसरा तेंदुआ। हालांकि वह स्पष्ट रूप से देख नहीं पाए। वहीं रविवार को दिन में वन विभाग की टीम गांव पहुंची थी। टीम ने जंगल में घूमकर कॉम्बिंग की लेकिन पदचिन्ह तलाश करने में सफलता नहीं मिली। क्षेत्रीय वन अधिकारी उस्मान अली ने बताया कि टीम ने कॉम्बिंग की है। पिंजरा लगा हुआ है। लगातार निगरानी की जा रही है। यदि तेंदुए के पदचिन्ह मिलते हैं तो पिंजरे में बकरी बांध दी जाएगी।
गांव में चर्चा प्रधान को दी चंदा एकत्र करने की जिम्मेदारी
तेंदुए से गांव के तमाम लोग डरे हुए हैं। खेतों पर जाने से भी बच रहे हैं। अकेले जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और वन विभाग की टीम ने भी स्पष्ट कहा है कि अकेले कहीं न जाएं। यदि कोई अकेले जाएगा तो उसके लिए खतरा हो सकता है। इसलिए समूह बनाकर जाएंगे। बच्चों को खेतों पर न जाने दें। वहीं, दूसरी ओर बकरी बांधने के मामले में चर्चा है कि प्रधान को यह जिम्मेदारी दी गई है। लोगों से चंदा जुटाने के बाद बकरी बांधी जाएगी। हालांकि क्षेत्रीय वन अधिकारी का कहना है कि बकरी के लिए चंदा एकत्र करने के लिए हमने नहीं कहा है। हमने किराये पर बकरी लाने के लिए ग्राम प्रधान से कहा है। उसका किराया विभाग द्वारा दिया जाता है।
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सैदपुर जसकौली और शकरपुर सोत में दिखाई दे चुका है तेंदुआ
सैदपुर जसकौली और शकरपुर सोत के खेतों में पिछले आठ दिन पहले तेंदुआ दिखाई दिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने भी माना था कि तेंदुए की हलचल दिखाई दे रही है। इसके बाद पिंजरा लगा दिया गया था लेकिन तेंदुआ पकड़ने के लिए जो पिंजरा लगाया था उसमें बकरी नहीं बांधी थी। इसके बाद पिंजरा हटा दिया गया। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात गांव हरसिंहपुर में तीन बकरियों की किसी जानवर के हमले में मौत हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि यह तेंदुए ने हमला किया है। इसके चलते इस गांव में अब पिंजरा लगाया है।
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गांव हरसिंहपुर में लगातार दो रात से बकरियों पर हमले के बाद शनिवार को गांव निवासी उस्मान ने अपनी छत से जंगली जानवर देखने का दावा किया। उन्होंने बताया कि वह छत पर सो रहे थे। रात्रि में उनके घर के निकट दो जानवर थे। देखने से एक लकड़बग्गा लग रहा था, जबकि दूसरा तेंदुआ। हालांकि वह स्पष्ट रूप से देख नहीं पाए। वहीं रविवार को दिन में वन विभाग की टीम गांव पहुंची थी। टीम ने जंगल में घूमकर कॉम्बिंग की लेकिन पदचिन्ह तलाश करने में सफलता नहीं मिली। क्षेत्रीय वन अधिकारी उस्मान अली ने बताया कि टीम ने कॉम्बिंग की है। पिंजरा लगा हुआ है। लगातार निगरानी की जा रही है। यदि तेंदुए के पदचिन्ह मिलते हैं तो पिंजरे में बकरी बांध दी जाएगी।
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गांव में चर्चा प्रधान को दी चंदा एकत्र करने की जिम्मेदारी
तेंदुए से गांव के तमाम लोग डरे हुए हैं। खेतों पर जाने से भी बच रहे हैं। अकेले जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और वन विभाग की टीम ने भी स्पष्ट कहा है कि अकेले कहीं न जाएं। यदि कोई अकेले जाएगा तो उसके लिए खतरा हो सकता है। इसलिए समूह बनाकर जाएंगे। बच्चों को खेतों पर न जाने दें। वहीं, दूसरी ओर बकरी बांधने के मामले में चर्चा है कि प्रधान को यह जिम्मेदारी दी गई है। लोगों से चंदा जुटाने के बाद बकरी बांधी जाएगी। हालांकि क्षेत्रीय वन अधिकारी का कहना है कि बकरी के लिए चंदा एकत्र करने के लिए हमने नहीं कहा है। हमने किराये पर बकरी लाने के लिए ग्राम प्रधान से कहा है। उसका किराया विभाग द्वारा दिया जाता है।
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सैदपुर जसकौली और शकरपुर सोत में दिखाई दे चुका है तेंदुआ
सैदपुर जसकौली और शकरपुर सोत के खेतों में पिछले आठ दिन पहले तेंदुआ दिखाई दिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने भी माना था कि तेंदुए की हलचल दिखाई दे रही है। इसके बाद पिंजरा लगा दिया गया था लेकिन तेंदुआ पकड़ने के लिए जो पिंजरा लगाया था उसमें बकरी नहीं बांधी थी। इसके बाद पिंजरा हटा दिया गया। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात गांव हरसिंहपुर में तीन बकरियों की किसी जानवर के हमले में मौत हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि यह तेंदुए ने हमला किया है। इसके चलते इस गांव में अब पिंजरा लगाया है।