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Sambhal News: जिला अस्पताल में एंटी वेनम लगाने की जगह एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाने का मामला, बच्चे की हालत में सुधार नहीं
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संभल। जिला अस्पताल की लापरवाही का शिकार हुए मूसापुर गांव निवासी अबुल हसन के चार वर्षीय बेटे अदीब की हालत में सुधार नहीं है। निजी अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी लगातार जारी है। एंटी वेनम की दूसरी डोज भी लगा दी गई है। बृहस्पतिवार की शाम तक बच्चे को सही से होश नहीं आया है।
अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि जहर का असर पूरे शरीर पर है। इसलिए रिकवर करने में बच्चे को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी की ओर से गठित की गई समिति की जांच बृहस्पतिवार को पूरी नहीं हो सकी।
अबुल हसन के अनुसार, चार साल का बेटा अदीब सोमवार की दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर के आंगन में खेल रहा था। कंचा दीवार के छेद में चला गया, जिसमें हाथ डालते ही सांप ने उसे काट लिया था। परिवार के लोग अदीब को संभल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि जिला अस्पताल के स्टाफ ने बेटे को दर्द की दवा और एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगा दिया।
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सांप काटने की जानकारी देने के बाद भी बात नहीं सुनी और चूहे या ततैया के काटने की बात पर अड़े रहे। जब घर लाए तो हालत बिगड़ गई थी। दोबारा लेकर पहुंचे तो रेफर कर दिया। निजी अस्पताल हसीना बेगम में भर्ती कराया गया तो चिकित्सक ने सांप काटने की पुष्टि की। पीड़ित पिता का कहना है कि उसके बेटे के साथ जो जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने किया है, उसके लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे की हालत में सुधार के लिए दुआएं कर रहे हैं।
जांच समिति में शामिल डॉक्टर दूसरे काम से गए, इसलिए नहीं हो सकी जांच
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संदीप सिंह और डॉ. अजफर कमाल को शामिल किया गया है। बृहस्पतिवार को जांच पूरी करनी थी लेकिन जांच समिति में शामिल एक डॉक्टर को कोर्ट जाना पड़ा और दूसरे डॉक्टर को कैंप में भेज दिया था। इसलिए जांच पूरी नहीं हो सकी है। शुक्रवार को समिति जांच पूरी कर देगी। उसके आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
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अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि जहर का असर पूरे शरीर पर है। इसलिए रिकवर करने में बच्चे को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी की ओर से गठित की गई समिति की जांच बृहस्पतिवार को पूरी नहीं हो सकी।
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अबुल हसन के अनुसार, चार साल का बेटा अदीब सोमवार की दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर के आंगन में खेल रहा था। कंचा दीवार के छेद में चला गया, जिसमें हाथ डालते ही सांप ने उसे काट लिया था। परिवार के लोग अदीब को संभल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि जिला अस्पताल के स्टाफ ने बेटे को दर्द की दवा और एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगा दिया।
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सांप काटने की जानकारी देने के बाद भी बात नहीं सुनी और चूहे या ततैया के काटने की बात पर अड़े रहे। जब घर लाए तो हालत बिगड़ गई थी। दोबारा लेकर पहुंचे तो रेफर कर दिया। निजी अस्पताल हसीना बेगम में भर्ती कराया गया तो चिकित्सक ने सांप काटने की पुष्टि की। पीड़ित पिता का कहना है कि उसके बेटे के साथ जो जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने किया है, उसके लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे की हालत में सुधार के लिए दुआएं कर रहे हैं।
जांच समिति में शामिल डॉक्टर दूसरे काम से गए, इसलिए नहीं हो सकी जांच
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संदीप सिंह और डॉ. अजफर कमाल को शामिल किया गया है। बृहस्पतिवार को जांच पूरी करनी थी लेकिन जांच समिति में शामिल एक डॉक्टर को कोर्ट जाना पड़ा और दूसरे डॉक्टर को कैंप में भेज दिया था। इसलिए जांच पूरी नहीं हो सकी है। शुक्रवार को समिति जांच पूरी कर देगी। उसके आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।