मुशायरा और कवि सम्मेलन का कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने बंद करा दिया। हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव बबैना में यह कार्यक्रम अनुमति लेने के बाद आयोजित कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने नई परंपरा डालने का आरोप लगाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल को सूचना दी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को अवगत कराया, जिसके बाद कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर कार्यक्रम को बंद करा दिया गया।
बबैना गांव में बुधवार की रात ख्वाजा सईद हसन के नाम से मुशायरा और कवि सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इस कार्यक्रम में लखनऊ, बिजनौर और अन्य कई शहरों के छह शायर और 16 कवि शामिल होने थे। गांव बबैना निवासी आयोजक सूफी शमशाद अली मेराजी ने अनुमति भी कराई थी। शाम को सात बजे अचानक पुलिस पहुंची और अनुमति रद्द करने की जानकारी आयोजक को दी गई। साथ ही बताया गया कि यह नई परंपरा डालने का प्रयास है और दूसरे समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए कार्यक्रम बंद कर दिया जाए। आयोजक का कहना है कि वह मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तहसील संयोजक है और 2012 से कार्यक्रम कराते हैं। 2018 में शिकायत के बाद कार्यक्रम बंद हो गया था। भाजपा नेता राजेश सिंघल का कहना है कि 2018 में भी नई परंपरा डालने का प्रयास किया था। तब भी पुलिस ने कार्यक्रम बंद करा दिया था। भाजपा नेता ने तो आयोजक पर गुमराह करने का आरोप लगाया है और कार्रवाई की मांग की है।