{"_id":"5f3c3b038ebc3e3cca0c752c","slug":"urea-crisis-in-sambhal-chandausi-news-mbd3595792168","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद के लिए कतार में खड़े होने को मजबूर हैं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद के लिए कतार में खड़े होने को मजबूर हैं किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। खाद को लेकर किसानों की परेशानी कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं। अभी भी इफको केंद्रों पर खाद लेने के लिए किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा हैं और समय से फसल को यूरिया नहीं मिला, तो उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
मंगलवार को मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर सुबह छह बजे से किसानों की कतार लगनी शुरू हो गई।
किसानों को खाद लेने के लिए सुबह चार बजे अपने घर से चलना पड़ रहा हैं। इसके बाद केंद्रों के बाहर कतार में खड़ा होना पड़ता है। सुबह दस बजे केंद्र खोलने तक किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। केंद्र से खाद का टोकन मिलने के बाद किसानों को अपनी बारी का इंतजार वहीं पर रहकर करना पड़ता हैं। जिससे पूरा दिन खाद लेने के चक्कर में बीत जाता हैं। इसके बाद भी बहुत से किसानों को खाद नहीं मिल पाता। धान की फसल को इस समय खाद की बहुत आवश्यकता हैं। मगर फसल को समय पर खाद नहीं मिली तो फसल प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। मगर किसानों को काफी परेशानी के बाद भी खाद नसीब नहीं हो पा रहा हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर सुबह छह बजे से किसानों की कतार लगनी शुरू हो गई।
किसानों को खाद लेने के लिए सुबह चार बजे अपने घर से चलना पड़ रहा हैं। इसके बाद केंद्रों के बाहर कतार में खड़ा होना पड़ता है। सुबह दस बजे केंद्र खोलने तक किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। केंद्र से खाद का टोकन मिलने के बाद किसानों को अपनी बारी का इंतजार वहीं पर रहकर करना पड़ता हैं। जिससे पूरा दिन खाद लेने के चक्कर में बीत जाता हैं। इसके बाद भी बहुत से किसानों को खाद नहीं मिल पाता। धान की फसल को इस समय खाद की बहुत आवश्यकता हैं। मगर फसल को समय पर खाद नहीं मिली तो फसल प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। मगर किसानों को काफी परेशानी के बाद भी खाद नसीब नहीं हो पा रहा हैं।
विज्ञापन