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रामपुर और बदायूं में ब्लैक में यूरिया बेच रहे निजी दुकानदार
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चंदौसी। चंदौसी में इफको केंद्र और सहकारी समिति की दुकानों पर यूरिया लेने वाले किसानों की भीड़ लगी है। लाइन में लगे जिला रामपुर एवं बदायूं के किसानों का आरोप है कि उनके यहां निजी दुकानदारों द्वारा यूरिया खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है और खाद लेते समय जबरदस्ती दवाई लेने का दबाव बनाया जाता है। दवा न खरीदने पर किसानों को यूरिया नहीं दिया जाता। जिससे परेशान होकर किसान चंदौसी में आकर इफको केंद्र से खाद खरीदने को मजबूर हैं। शनिवार को साप्ताहिक बंदी के चलते मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर खाद नहीं बांटा गया। किसान दोपहर तक इंतजार कर मायूस होकर लौट गए।
वर्तमान में किसान को धान की फसल में डालने के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है। मगर बदायूं व रामपुर में यूरिया की किल्लत है। सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है। इसका लाभ वहां के निजी दुकानदार उठा रहे हैं और यूरिया को ब्लैक में बेच रहे हैं। रामपुर और जिला बदायूं के किसान धर्मपाल, दयाराम, जीवाराम, अमर सिंह, अशरफी देवी, कुबेर सिंह, रविंद्र सिंह, तेजपाल, ख्याली, तस्लीम, साजिद ने बताया कि सहकारी समिति पर यूरिया का कट्टा 266 रुपये का मिलता है। रामपुर और बदायूं में यह कट्टा निजी दुकानदार 340 से 350 रुपये में बेच रहे हैं। किसान जब निजी दुकानों पर जब यूरिया लेने जाते हैं, तो दुकानदार जिंक एवं अन्य दवाई लेने को मजबूर करते हैं। जो किसान दवाई नहीं लेते हैं, दुकानदार उन्हें यूरिया नहीं देते हैं। फसल को खाद की आवश्यकता को देखते हुए कुछ किसान यूरिया के कट्टों के साथ दवा भी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
दोपहर तक किया इंतजार, नहीं मिला यूरिया
पिछले करीब 20 दिनों से रामपुर एवं बदायूं के किसानों की चंदौसी में इफको केंद्र और सहकारी समिति की दुकानों पर भीड़ लगी है। सुबह से ही किसान चंदौसी पहुंचना शुरू हो जाते हैं। शनिवार को भी कुछ किसान सुबह ही मंडी समिति के इफको केंद्र पहुंच गए थे। मगर साप्ताहिक बंदी के चलते शनिवार को इफको केंद्र बंद रहा। धर्मपाल, दयाराम, जीवाराम, अमर सिंह, अशरफी देवी, कुबेर सिंह, रविंद्र सिंह, तेजपाल, ख्याली, तस्लीम, साजिद व राजेश आदि किसानों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से खाद लेने आ रहे थे। मगर भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा हैं। शनिवार को भी खाद लेने के लिए आए। साप्ताहिक बंदी के चलते इफको केंद्र बंद रहेगा। इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
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वर्तमान में किसान को धान की फसल में डालने के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है। मगर बदायूं व रामपुर में यूरिया की किल्लत है। सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है। इसका लाभ वहां के निजी दुकानदार उठा रहे हैं और यूरिया को ब्लैक में बेच रहे हैं। रामपुर और जिला बदायूं के किसान धर्मपाल, दयाराम, जीवाराम, अमर सिंह, अशरफी देवी, कुबेर सिंह, रविंद्र सिंह, तेजपाल, ख्याली, तस्लीम, साजिद ने बताया कि सहकारी समिति पर यूरिया का कट्टा 266 रुपये का मिलता है। रामपुर और बदायूं में यह कट्टा निजी दुकानदार 340 से 350 रुपये में बेच रहे हैं। किसान जब निजी दुकानों पर जब यूरिया लेने जाते हैं, तो दुकानदार जिंक एवं अन्य दवाई लेने को मजबूर करते हैं। जो किसान दवाई नहीं लेते हैं, दुकानदार उन्हें यूरिया नहीं देते हैं। फसल को खाद की आवश्यकता को देखते हुए कुछ किसान यूरिया के कट्टों के साथ दवा भी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
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दोपहर तक किया इंतजार, नहीं मिला यूरिया
पिछले करीब 20 दिनों से रामपुर एवं बदायूं के किसानों की चंदौसी में इफको केंद्र और सहकारी समिति की दुकानों पर भीड़ लगी है। सुबह से ही किसान चंदौसी पहुंचना शुरू हो जाते हैं। शनिवार को भी कुछ किसान सुबह ही मंडी समिति के इफको केंद्र पहुंच गए थे। मगर साप्ताहिक बंदी के चलते शनिवार को इफको केंद्र बंद रहा। धर्मपाल, दयाराम, जीवाराम, अमर सिंह, अशरफी देवी, कुबेर सिंह, रविंद्र सिंह, तेजपाल, ख्याली, तस्लीम, साजिद व राजेश आदि किसानों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से खाद लेने आ रहे थे। मगर भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा हैं। शनिवार को भी खाद लेने के लिए आए। साप्ताहिक बंदी के चलते इफको केंद्र बंद रहेगा। इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
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