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Sambhal News: बिन ब्याही मां ने लोकलाज के डर से प्रेमी संग दबाई थी नवजात

Thu, 07 Nov 2024 02:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Thu, 07 Nov 2024 02:28 AM IST
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Unmarried mother had buried her newborn baby with her lover due to fear of public shame
संभल। गांव मन्नीखेड़ा में खेत में दबी मिली नवजात बच्ची को बिन ब्याही मां ने अपने विवाहित प्रेमी के साथ मिलकर लोकलाज के डर से हैवानियत की हद पार कर मारने की नीयत से दबाया था। पुलिस ने आरोपी प्रेमी युगल को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ गांव मन्नीखेड़ा के चौकीदार अख्तर की तहरीर पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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एसपी ने बताया कि नखासा थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर निवासी नरेंद्र (36) का प्रेम-प्रसंग तीन साल से एक गांव निवासी 19 वर्षीय युवती से से चल रहा था। इसी दौरान युवती गर्भवती हो गई। युवती के शनिवार की रात को पेट में दर्द उठा था। प्रेमी नरेंद्र उसको अस्पताल लेकर जा रहा था लेकिन रास्ते में ही युवती ने बच्ची को जन्म दे दिया। लोकलाज के डर से युवती और उसके प्रेमी ने सरसों के खेत में पहुंचकर बच्ची को गड्ढा खोदकर दबा दिया और अपने अपने घर चले गए। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि युवती के परिजन नरेंद्र की जमीन को बटाई पर करते हैं। इसलिए नरेंद्र का युवती के घर ज्यादा आना जाना था। इसी दौरान प्रेम प्रसंग हो गया था। बताया कि नरेंद्र पहले से शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।
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14 घंटे भूखी-प्यासी गड्ढे में दबी रही बच्ची
खेत में दबी बच्ची को रविवार की शाम करीब चार बजे ग्रामीणों ने बाहर निकाला था। जबकि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि करीब एक बजे बच्ची का जन्म हुआ था और दो बजे तक उसको गड्ढे में दबा दिया था। आरोपियों ने यह भी बताया कि बच्ची को पूरी तरह दबा दिया था। जबकि रविवार की शाम जब ग्रामीणों ने बच्ची को देखा तो उसका चेहरा खुला हुआ था। करीब 14 घंटे तक बच्ची भूखी-प्यासी गड्ढे में दबी रही। पुलिस ने जिला अस्पताल भर्ती कराया तो उसको दूध दिया गया।
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30 दिन तक अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में रहेगी बच्ची
बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती है और उसकी सेहत पूरी तरह ठीक है। नियमानुसार जिला अस्पताल में उसको 30 दिन रखा जाएगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि बच्ची बेहद ही खुशमिजाज है और उसकी सेहत पूरी तरह ठीक है। उसके खाने-पीने का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। 30 दिन की अवधि के बाद पुलिस को सुपुर्द कर दिया जाएगा। एसपी कृष्ण कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया जाएगा। उसके बाद समिति आगे का निर्णय लेगी।

कोट
पुलिस की गहन छानबीन में आरोपियों तक पहुंचा गया है। आरोपियों ने बच्ची की जान लेने के लिए उसको गड्ढे में दबाया था। पूछताछ में वह अपने जुर्म को कबूल कर चुके हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से जेल भेज दिया गया है। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल
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