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संभल क्षेत्र के 67 व्यक्तियों से 32 लाख रुपये हड़प गए दो लोग, पीड़ितों ने किया प्रदर्शन
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संभल के संपूर्ण समाधान दिवस में फाइनेंस कंपनी द्वारा धन हड़पने को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के गांव खग्गूपुरा व आसपास के 67 लोगों को अधिक ब्याज और मुनाफा देने का झांसा देकर गांव के ही दो लोगों ने धनराशि जमा कराई। करीब 32 लाख रुपये जमा हो गए तो इन लोगों ने रुपये वापस करने से मना कर दिया। जो लोग अपना रुपया वापस मांगने गए उन्हें धमकाया गया। इस पर पीड़ित व्यक्ति समूह बनाकर तहसील के समाधान दिवस में पहुंच गए। प्रदर्शन किया और रुपये वापस दिलाने की मांग की। सीओ ने कहा कि नखासा पुलिस जांच करेगी। सही पाया गया तो रिपोर्ट दर्ज होगी।
पीड़ितों ने बताया कि 32 लाख की धनराशि तो सिर्फ उन 67 लोगों की है। यह धनराशि और अधिक हो सकती है क्योंकि दो-तीन वर्ष से खग्गूपुरा और आसपास के गांवों के लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपये जमा कराए जा रहे थे।
कंपनी ने इसके लिए अपना नेटवर्क बना लिया था। लोगों से कंपनी के अभिकर्ता रोजाना रुपये जमा कराते थे और उसे पास बुक में दर्ज कर देते थे। जो लोग रुपये जमा करते थे उनके पास रुपये जमा का साक्ष्य है। वे अपनी पासबुक लेकर सीओ के पास गए थे लेकिन पासबुक दिखाने के बाद भी रुपये वापस नहीं मिल पा रहे हैं। बार-बार तगादा करके निराश हो गए हैं। इसलिए पुलिस तक आए हैं।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि अगर पहले थोड़ी सी सावधानी दिखाते तो यह नौबत नहीं आती। उन्होंने अवैध तरीके से फाइनेंस कंपनियों से लोगों को सावधान किया और कहा कि जो दस्तावेज पीड़ितों ने दिए हैं उनके आधार पर पुलिस जांच करेगी। जांच के बाद जरूरी होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।
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पीड़ितों ने बताया कि 32 लाख की धनराशि तो सिर्फ उन 67 लोगों की है। यह धनराशि और अधिक हो सकती है क्योंकि दो-तीन वर्ष से खग्गूपुरा और आसपास के गांवों के लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपये जमा कराए जा रहे थे।
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कंपनी ने इसके लिए अपना नेटवर्क बना लिया था। लोगों से कंपनी के अभिकर्ता रोजाना रुपये जमा कराते थे और उसे पास बुक में दर्ज कर देते थे। जो लोग रुपये जमा करते थे उनके पास रुपये जमा का साक्ष्य है। वे अपनी पासबुक लेकर सीओ के पास गए थे लेकिन पासबुक दिखाने के बाद भी रुपये वापस नहीं मिल पा रहे हैं। बार-बार तगादा करके निराश हो गए हैं। इसलिए पुलिस तक आए हैं।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि अगर पहले थोड़ी सी सावधानी दिखाते तो यह नौबत नहीं आती। उन्होंने अवैध तरीके से फाइनेंस कंपनियों से लोगों को सावधान किया और कहा कि जो दस्तावेज पीड़ितों ने दिए हैं उनके आधार पर पुलिस जांच करेगी। जांच के बाद जरूरी होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।