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संभल में हुए बवाल के लिए सपा के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार पर साधा निशाना
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संभल के मोहल्ला रायसत्ती में हिंसा में मारे गए बिलाल के परिजनों से जानकारी करता सपा का प्रतिनिधि
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन हिंसक होने की वजह से संभल में 19 व 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ। तोड़फोड़ की गई और रोडवेज की बस फूंकी गई। फायरिंग भी हुई जिसमें 20 दिसंबर को संभल के देहली दरवाजा निवासी शहरोज और रायसत्ती खेड़ा निवासी बिलाल की गोली लगने से जान चली गई थी। इन दोनों की मौत की खबर मिलने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश से सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल संभल भेजा है।
इसमें सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क, विधायक नवाब इकबाल महमूद और एमएलसी राजपाल कश्यप, विधायक पिंकी यादव, हरीश चंद्र प्रजापति, जयपाल सैनी और सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां समेत कई नेता शामिल हैं।
यह नेता पीड़ित परिवारों से मिलने सोमवार की दोपहर को पहुंचे। पार्टी नेताओं ने बवाल के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग की। साथ ही कहा कि जिन दो लोगों की गोली लगने से मौत हुई है उनके मामलों में उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाए जिनकी गोली से जान गई है।
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प्रतिनिधि मंडल ने सोशल मीडिया पर वायरल फायरिंग हो रहीं वीडियो की जांच किए जाने की भी मांग उठाई है। जिससे हिंसा की हकीकत सामने आ सके। इस बीच विधायक पिंकी यादव और सपा प्रतिनिधि मंडल के साथ आए सपा नेता लड्डन मियां ने निजी तौर पर आर्थिक मदद की है।
पार्टी पीड़ितों के साथ मदद दिलाएंगे हम
भाजपा की सरकार मुस्लिम विरोधी है। इसीलिए आम मुसलमानों को सताया जा रहा है। संभल के बवाल पर जिन निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके साथ हम खड़े हैं। अगर हमारी सरकार बनी तो उन्हें राहत मिलेगी। हमारी पार्टी संभल के दोनों पीड़ितों के साथ है। उन्हें हम न्याय दिलाएंगे।
डा. शफीकुर्रहमान बर्क, सांसद, संभल।
हिंसा की जिम्मेदार भाजपा है
निर्दोष लोगों के मुकदमें खत्म किए जाएं। प्रदेश में जो बवाल हुआ है। उसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार है। और जो लोग संभल की हिंसा में मारे गए हैं। उनके मामले में न्याय किया जाए। सपा नेतृत्व ने इस घटना का संज्ञान ले लिया है।
इकबाल महमूद, विधायक, संभल।
संभल में बवाल के दौरान हमारे दो नौजवान मारे गए। कहीं न कहीं सरकार भी इसमें शामिल है। इसी वजह से पुलिस और कुछ भाजपा वालों ने फायरिंग की है। इस मामले में हम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हमारी पार्टी लोकतंत्र के साथ है और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करेगी।
पिंकी यादव, विधायक, संभल।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदेश में जो बवाल हुआ है उसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। हमारी पार्टी दोनों पीड़ितों के लिए 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की मांग करती है। साथ ही बलवे के मुकदमे में फंसाए गए सपा नेताओं एवं आम बेकसूर लोगों से मुकदमे वापस लेेने की मांग उठा रही है। अगर सरकार ने ध्यान न दिया तो जब सपा की सरकार आएगी तो सारे मुकदमे खत्म किए जाएंगे।
राजपाल कश्यप, एमएलसी एवं प्रतिनिधिमंडल के नेता।
जग जाहिर हैं विरोध पर साथ नजर आए सपा के दो दिग्गज नेता
संभल। सपा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क और नगर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बीच सियासी विरोध पुराना है। जग जाहिर भी है। आमतौर पर दोनों दिग्गज एक साथ किसी कार्यक्रम में शरीक नहीं होते लेकिन सोमवार को जब सपा का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ से आया तो दोनों दिग्गज नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ दोनों पीड़ितों के घर गए। दोनों नेताओं ने 20 दिसंबर को बवाल के दौरान मौत का शिकार हुए बिलाल और शहरोज के घरों पर जाकर साथ साथ पीड़ितों के प्रति हमदर्दी जाहिर की।
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इसमें सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क, विधायक नवाब इकबाल महमूद और एमएलसी राजपाल कश्यप, विधायक पिंकी यादव, हरीश चंद्र प्रजापति, जयपाल सैनी और सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां समेत कई नेता शामिल हैं।
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यह नेता पीड़ित परिवारों से मिलने सोमवार की दोपहर को पहुंचे। पार्टी नेताओं ने बवाल के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग की। साथ ही कहा कि जिन दो लोगों की गोली लगने से मौत हुई है उनके मामलों में उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाए जिनकी गोली से जान गई है।
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प्रतिनिधि मंडल ने सोशल मीडिया पर वायरल फायरिंग हो रहीं वीडियो की जांच किए जाने की भी मांग उठाई है। जिससे हिंसा की हकीकत सामने आ सके। इस बीच विधायक पिंकी यादव और सपा प्रतिनिधि मंडल के साथ आए सपा नेता लड्डन मियां ने निजी तौर पर आर्थिक मदद की है।
पार्टी पीड़ितों के साथ मदद दिलाएंगे हम
भाजपा की सरकार मुस्लिम विरोधी है। इसीलिए आम मुसलमानों को सताया जा रहा है। संभल के बवाल पर जिन निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके साथ हम खड़े हैं। अगर हमारी सरकार बनी तो उन्हें राहत मिलेगी। हमारी पार्टी संभल के दोनों पीड़ितों के साथ है। उन्हें हम न्याय दिलाएंगे।
डा. शफीकुर्रहमान बर्क, सांसद, संभल।
हिंसा की जिम्मेदार भाजपा है
निर्दोष लोगों के मुकदमें खत्म किए जाएं। प्रदेश में जो बवाल हुआ है। उसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार है। और जो लोग संभल की हिंसा में मारे गए हैं। उनके मामले में न्याय किया जाए। सपा नेतृत्व ने इस घटना का संज्ञान ले लिया है।
इकबाल महमूद, विधायक, संभल।
संभल में बवाल के दौरान हमारे दो नौजवान मारे गए। कहीं न कहीं सरकार भी इसमें शामिल है। इसी वजह से पुलिस और कुछ भाजपा वालों ने फायरिंग की है। इस मामले में हम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हमारी पार्टी लोकतंत्र के साथ है और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करेगी।
पिंकी यादव, विधायक, संभल।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदेश में जो बवाल हुआ है उसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। हमारी पार्टी दोनों पीड़ितों के लिए 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की मांग करती है। साथ ही बलवे के मुकदमे में फंसाए गए सपा नेताओं एवं आम बेकसूर लोगों से मुकदमे वापस लेेने की मांग उठा रही है। अगर सरकार ने ध्यान न दिया तो जब सपा की सरकार आएगी तो सारे मुकदमे खत्म किए जाएंगे।
राजपाल कश्यप, एमएलसी एवं प्रतिनिधिमंडल के नेता।
जग जाहिर हैं विरोध पर साथ नजर आए सपा के दो दिग्गज नेता
संभल। सपा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क और नगर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बीच सियासी विरोध पुराना है। जग जाहिर भी है। आमतौर पर दोनों दिग्गज एक साथ किसी कार्यक्रम में शरीक नहीं होते लेकिन सोमवार को जब सपा का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ से आया तो दोनों दिग्गज नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ दोनों पीड़ितों के घर गए। दोनों नेताओं ने 20 दिसंबर को बवाल के दौरान मौत का शिकार हुए बिलाल और शहरोज के घरों पर जाकर साथ साथ पीड़ितों के प्रति हमदर्दी जाहिर की।