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Sambhal News: भरोसे की पर्ची से ही उठ रहा भरोसा
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संभल। जिला कलक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराने के लिए बनने वाली भरोसे की पर्ची से फरियादियों का अब मोहभंग हो रहा है। कई-कई बार शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है। समाधान कहीं नहीं हो रहा। ब्लॉक से लेकर कलक्ट्रेट तक चक्कर लगा रहे फरियादी भी थक चुके हैं।
यह शिकायतें भी लंबे समय की हैं। जिनका निस्तारण तो दूर की बात है जांच तक नहीं की गई है। फरियादियों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए अंतिम पड़ाव कलेक्ट्रेट होता है लेकिन यहां भी चक्कर ही लग रहे हैं।
भरोसे की फर्जी जिले में नई व्यवस्था है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आला अधिकारियों ने भी भरोसा दिया था कि समस्या का समाधान तत्काल किया जाएगा। फरियादियों को चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे। लेकिन यह भरोसा फरियादियों का टूटता दिख रहा है।
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जो समस्या कुछ दिनों में सुलझ सकती थी वह अब उलझ गई है। किसी की जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है तो कोई घपलेबाजी की शिकायत में कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। हर दिन ऐसे ही तमाम फरियादी कलक्ट्रेट तक पहुंच रहे हैं। ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं करने पर ही कलक्ट्रेट तक पहुंचे थे। लेकिन मायूस यहां भी हो रहे हैं।
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यह शिकायतें भी लंबे समय की हैं। जिनका निस्तारण तो दूर की बात है जांच तक नहीं की गई है। फरियादियों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए अंतिम पड़ाव कलेक्ट्रेट होता है लेकिन यहां भी चक्कर ही लग रहे हैं।
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भरोसे की फर्जी जिले में नई व्यवस्था है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आला अधिकारियों ने भी भरोसा दिया था कि समस्या का समाधान तत्काल किया जाएगा। फरियादियों को चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे। लेकिन यह भरोसा फरियादियों का टूटता दिख रहा है।
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जो समस्या कुछ दिनों में सुलझ सकती थी वह अब उलझ गई है। किसी की जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है तो कोई घपलेबाजी की शिकायत में कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। हर दिन ऐसे ही तमाम फरियादी कलक्ट्रेट तक पहुंच रहे हैं। ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं करने पर ही कलक्ट्रेट तक पहुंचे थे। लेकिन मायूस यहां भी हो रहे हैं।