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Sambhal News: भाकियू की महापंचायत में गूंजे किसानों के मुद्दे
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संभल। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की महापंचायत में अधिग्रहित होने वाली भूमि का सर्किल रेट दोगुना करने की मांग फिर उठी। किसानों ने मुरादाबाद-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को गांवों के बीच से निकालने के बजाय जंगल से बाईपास बनाकर निकालने की भी मांग की। महापंचायत के बाद संगठन ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में यह महापंचायत हुई। इसमें किसानों और ग्रामीणों ने हाईवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी समस्याएं उठाईं। किसान नेताओं का कहना था कि वर्ष 2016 के बाद सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका तर्क है कि प्रतिवर्ष 10 फीसदी वृद्धि के हिसाब से अब तक करीब 100 फीसदी बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने अधिग्रहित भूमि का सर्किल रेट कम से कम दोगुना कर मुआवजा देने की मांग की।
किसानों के अनुसार, मुरादाबाद-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे संभल जिले के 53 गांवों से प्रस्तावित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सर्वे में इसे गांवों के बीच से निकालने का प्रस्ताव है। किसानों का आरोप है कि गांवों में कई लोगों के पुश्तैनी मकानों और दुकानों के दस्तावेज नहीं हैं, जिससे विवाद की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का निस्तारण न होने तक कोई किसान भूमि की रजिस्ट्री नहीं करेगा। संगठन ने गांवों के भीतर से हाईवे निकालने पर ''मकान बचाओ, जमीन बचाओ'' आंदोलन चलाने की बात कही।
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गंगा एक्सप्रेसवे की समस्याएं भी उठाईं
महापंचायत में गंगा एक्सप्रेसवे पर निर्धारित दरों से अधिक टोल टैक्स वसूले जाने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की गई। इसके अलावा अधूरे सर्विस रोड का निर्माण पूरा कराने और स्थानीय किसानों को टोल टैक्स में छूट देने की मांग भी उठाई गई। इस अवसर पर भाकियू के जिलाध्यक्ष शंकरपाल सिंह यादव, जिला प्रवक्ता मुर्शिद खान, महेश यादव, रामनिवास और मनपाल सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।
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भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में यह महापंचायत हुई। इसमें किसानों और ग्रामीणों ने हाईवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी समस्याएं उठाईं। किसान नेताओं का कहना था कि वर्ष 2016 के बाद सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका तर्क है कि प्रतिवर्ष 10 फीसदी वृद्धि के हिसाब से अब तक करीब 100 फीसदी बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने अधिग्रहित भूमि का सर्किल रेट कम से कम दोगुना कर मुआवजा देने की मांग की।
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किसानों के अनुसार, मुरादाबाद-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे संभल जिले के 53 गांवों से प्रस्तावित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सर्वे में इसे गांवों के बीच से निकालने का प्रस्ताव है। किसानों का आरोप है कि गांवों में कई लोगों के पुश्तैनी मकानों और दुकानों के दस्तावेज नहीं हैं, जिससे विवाद की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का निस्तारण न होने तक कोई किसान भूमि की रजिस्ट्री नहीं करेगा। संगठन ने गांवों के भीतर से हाईवे निकालने पर ''मकान बचाओ, जमीन बचाओ'' आंदोलन चलाने की बात कही।
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गंगा एक्सप्रेसवे की समस्याएं भी उठाईं
महापंचायत में गंगा एक्सप्रेसवे पर निर्धारित दरों से अधिक टोल टैक्स वसूले जाने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की गई। इसके अलावा अधूरे सर्विस रोड का निर्माण पूरा कराने और स्थानीय किसानों को टोल टैक्स में छूट देने की मांग भी उठाई गई। इस अवसर पर भाकियू के जिलाध्यक्ष शंकरपाल सिंह यादव, जिला प्रवक्ता मुर्शिद खान, महेश यादव, रामनिवास और मनपाल सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।