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Sambhal News: हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान के लिए समर्पित रहने का लिया संकल्प
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संभल में भारतीय इतिहास संकलन समितिके कार्यक्रम में अतिथियों को सम्मानित करते पदाधिकारी। संव
संभल। भारतीय इतिहास संकलन समिति ने हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर इतिहास दिवस मना कर हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। नगर के तिरंगा मार्केट में स्थित शर्मा मेडिकोज पर आयोजित हुए कार्यक्रम में हिंदी भाषा को व्यवहार में लाने, हिंदी पर गर्व व्यक्त करने, हिंदी भाषा का अधिकतम प्रयोग करने पर बल दिया गया। समिति के जिलाध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और प्रत्येक भारतीय को हिंदी पर गर्व और गौरव है। हिंदी से भारत वर्ष की पहचान है। हमें दैनिक प्रयोग में हिंदी का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
साहित्यकार एवं व्यंगकार त्यागी अशोक कृष्णम ने काव्य पाठ के माध्यम से हिंदी की उपयोगिता, महत्ता और हिंदीमय वातावरण के प्रत्यक्ष लाभ बताए। हिंदी कविता के पुरोधा मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें अंग्रेजी सीखने में गुरेज नहीं लेकिन अंग्रेजियत से परहेज करना होगा। मुख्य अतिथि बबीता भारद्वाज ने 14 सितंबर 1949 को सरकार द्वारा हिंदी दिवस घोषित करने से लेकर आज तक हिंदी के विकास में किए गए सरकारी और सामाजिक प्रयासों का विस्तार से वर्णन किया।
कार्यक्रम में त्यागी अशोक कृष्णम एवं मनमोहन सिंह समिति के सदस्यों ने माल्यार्पण करके पटका धारण कराया और स्मृति चिन्ह भेंटकर हिंदी को अर्पित की गई सेवाओं को नमन किया। सत्यवीर सिंह, सतीश प्रधान, अंकुश त्यागी, सीमा आर्य, सुभाष चंद्र शर्मा, उमेश सैनी आदि ने विचार रखे। संचालन सुबोध कुमार गुप्ता ने किया।
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साहित्यकार एवं व्यंगकार त्यागी अशोक कृष्णम ने काव्य पाठ के माध्यम से हिंदी की उपयोगिता, महत्ता और हिंदीमय वातावरण के प्रत्यक्ष लाभ बताए। हिंदी कविता के पुरोधा मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें अंग्रेजी सीखने में गुरेज नहीं लेकिन अंग्रेजियत से परहेज करना होगा। मुख्य अतिथि बबीता भारद्वाज ने 14 सितंबर 1949 को सरकार द्वारा हिंदी दिवस घोषित करने से लेकर आज तक हिंदी के विकास में किए गए सरकारी और सामाजिक प्रयासों का विस्तार से वर्णन किया।
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कार्यक्रम में त्यागी अशोक कृष्णम एवं मनमोहन सिंह समिति के सदस्यों ने माल्यार्पण करके पटका धारण कराया और स्मृति चिन्ह भेंटकर हिंदी को अर्पित की गई सेवाओं को नमन किया। सत्यवीर सिंह, सतीश प्रधान, अंकुश त्यागी, सीमा आर्य, सुभाष चंद्र शर्मा, उमेश सैनी आदि ने विचार रखे। संचालन सुबोध कुमार गुप्ता ने किया।
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