संभल: मिट्टी के खिलौनों में बनाई सब्जी, खाने के बाद पांच घंटे में एक परिवार की तीन बच्चियों की मौत
चंदौसी के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार दोपहर तक तो सब सामान्य था, लेकिन सूरज ढलते-ढलते कुछ ऐसा हो गया कि पूरे इलाके में मातम की लहर दौड़ पड़ी। पांच घंटों में एक ही परिवार की तीन बच्चियों की मौत से पूरा क्षेत्र सिहर उठा है। बताया गया कि कादराबाद के मजरा मल्लाह का घेर निवासी जगमोहन की बेटी भाई-बहनों के साथ खेत की तरफ गई थी।
वहां उन्होंने मिट्टी का चूल्हा बनाकर ऊपर मिट्टी का करबा रखा और नीचे आग जलाकर सब्जी बनाने का खेल खेलने लगी। बताते हैं कि वहां खेल खेल में तीनों बच्चियों ने किसी ऐसे फल की सब्जी बनाकर खा ली जो विषाक्त था।
वापस आने के बाद तीनों बालिकाएं पेट में पीड़ा व हल्के नशे के कारण कुछ उदास तो थीं, लेकिन परिजनों को कोई जानकारी नहीं होने के कारण किसी ने ध्यान नहीं दिया।
अगले दिन सुबह से ही तीनों बालिकाओं की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं। पप्पू ने बेटी साक्षी को एक निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन बीमारी का पता न लगने पर वह उसे सहसवान लेकर गए। वहां उपचार के दौरान दोपहर दो बजे साक्षी की मौत हो गई।
इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई। इसके बाद दूसरी बच्ची की मां ने भी उसे अलीगढ़ ले जाकर भर्ती कराया लेकिन शाम साढ़े छह बजे उसकी भी मौत हो गई। इससे परिवार के लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि आधे घंटे बाद तीसरी बहन की मौत की खबर भी आ गई।
दोनों बच्चियों की हालत बिगड़ते देख, तीसरी बहन के पिता ने भी उसे चिकित्सकों को दिखाने के बाद चंदौसी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया था। शाम को उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पांच घंटे के अंदर तीनों बच्चियों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। परिजनों का भी रोते रोते बुरा हाल है।
मृतक बच्चियों में से एक की मां ने बताया कि परछाय नाम का एक पेड़ होता है, जिसके पत्तों को चोट लगने पर बांधा जाता है, ताकि किसी को सेप्टिक न हो। तीनों बच्चियां खेत में खेलने के दौरान उसी के फल की सब्जी बना ली थी। उसी जगह पर जमीन में मधुमक्खी पालन करने वालों ने चीटियों को मारने के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाई को दबाकर रखा था, जिसे संभवत: बच्चियों ने सब्जी में मिला दिया। उसी सब्जी को खाने के कारण बच्चियों के शरीर में जहर फैल गया।