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भाई-भाई में भेद भरा है, भरी भिन्नता भावों में : अतुल
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संभल। चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव पर संस्कार भारती शाखा संभल के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी शुरूआत सरस्वती वंदना से की गई।
शुक्रवार को कार्यक्रम में चौरी-चौरा आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि अजय शर्मा ने कहा कि ऐसे वीरों की फिर से आवश्यकता है। क्योंकि अत्याचार बढ़ रहे हैं। आज दूसरे देशों की कुदृष्टि भारत की ओर लगी है। समाजसेवी संतोष कुमार गुप्ता को वीर सावरकर सम्मान से सम्मानित किया गया।
व्यंग्यकार अतुल कुमार शर्मा ने सुनाया कि भाई-भाई में भेद भरा है, भरी भिन्नता भावों में, सत्य मार्ग पर चलने वाला, रहा सदैव अभावों में। भ्रष्टाचारी दम भरते हैं, सत्ता के प्रभावों में, लोकतंत्र फिर बिक जाता है, औने-पौने भावों में। बदायूं के कवि सुखपाल सिंह गौर ने सुनाया कि कितने कष्ट सहता हूं, अपने देश की खातिर। ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, सुभाष चन्द्र शर्मा, उज्ज्वल वशिष्ठ ने कविता पाठ किया। इस मौके पर सुबोध गुप्ता, विष्णु कुमार, आशा गुप्ता, वीकेश शर्मा, सुभाष मोंगिया, अमित कुमार शुक्ला, नेहा मलय आदि रहे। अध्यक्षता नेहा मलय ने की। संचालन विकास वर्मा ने किया।
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शुक्रवार को कार्यक्रम में चौरी-चौरा आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि अजय शर्मा ने कहा कि ऐसे वीरों की फिर से आवश्यकता है। क्योंकि अत्याचार बढ़ रहे हैं। आज दूसरे देशों की कुदृष्टि भारत की ओर लगी है। समाजसेवी संतोष कुमार गुप्ता को वीर सावरकर सम्मान से सम्मानित किया गया।
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व्यंग्यकार अतुल कुमार शर्मा ने सुनाया कि भाई-भाई में भेद भरा है, भरी भिन्नता भावों में, सत्य मार्ग पर चलने वाला, रहा सदैव अभावों में। भ्रष्टाचारी दम भरते हैं, सत्ता के प्रभावों में, लोकतंत्र फिर बिक जाता है, औने-पौने भावों में। बदायूं के कवि सुखपाल सिंह गौर ने सुनाया कि कितने कष्ट सहता हूं, अपने देश की खातिर। ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, सुभाष चन्द्र शर्मा, उज्ज्वल वशिष्ठ ने कविता पाठ किया। इस मौके पर सुबोध गुप्ता, विष्णु कुमार, आशा गुप्ता, वीकेश शर्मा, सुभाष मोंगिया, अमित कुमार शुक्ला, नेहा मलय आदि रहे। अध्यक्षता नेहा मलय ने की। संचालन विकास वर्मा ने किया।
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