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Sambhal News: जिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पतालों में नहीं आग से बचाव के इंतजाम

Sun, 17 Nov 2024 02:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sun, 17 Nov 2024 02:54 AM IST
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There are no fire prevention arrangements in government hospitals including the district hospital.
चंदौसी(संभल)। झांसी के मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में आग लगने से 10 नवजात की मौत की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। जनपद संभल के जिला अस्पताल समेत अधिकांश सीएचसी में आग की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त साधन नहीं है।
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जिला अस्पताल संभल समेत नरौली और जुनावई, गुन्नौर आदि सीएचसी में आग की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा के इंतजाम राम भरोसे हैं। संभल में जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी हैं और इसमें लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि जिला अस्पताल में नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) परिसर में ही आग बुझाने के सिलिंडर एक्सपायर लगे हुए हैं। आग बुझाने के इंतजाम आधे-अधूरे हैं। पवांसा सीएचसी का भी यही हाल है। जबकि कार्यवाहक सीएमएस डॉ.राजेंद्र सैनी का कहना है कि वर्तमान में आग बुझाने के संयंत्र पर्याप्त हैं। यदि कहीं घटना हुई तो इसे आसानी से काबू कर लिया जाएगा। उधर संयुक्त चिकित्सालय चंदौसी में मेटरनिटी विंग और सीएचसी में आग से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से आग बुझाने के सिलिंडर बच्चा वार्ड और महिला वार्ड के बाहर ही लगे हैं। सीएचसी में भी कुछ दूरी पर तीन सिलिंडर लगे हैं। साथ ही पानी की व्यवस्था के लिए भी सिस्टम लगा है।
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जिला अस्पताल में हो चुकी है आग की घटना



जिला अस्पताल में 28 जून 2022 को चौथी मंजिल पर बने जनरल वार्ड में आग लगाई गई थी। शुरुआत में शॉर्ट सर्किट से आग लगना माना जा रहा था, लेकिन सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग खंगाली तो उसमें आरोपी आग लगाता दिखाई दिया। अच्छी बात यह थी कि घटना के समय जनरल वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं था। दमकल ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया था। जनरल वार्ड में रखे बेड, कक्ष में रखा लैब का सामान ईडीटी, प्लेन, सिरिंज, रीजेंट (जांच के लिए रखा केमिकल) आदि जलकर नष्ट हो गए थे। उस समय भी अस्पताल में आग पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
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जुनावई में सिर्फ सुरक्षा के नाम पर आग बुझाने के सिलिंडर

जुनावई। सीएचसी में आग की घटना हुई तो यहां सिर्फ आग बुझाने के 10 सिलिंडर हैं। सिलेंडर प्रत्येक कक्ष में लगा हुआ है। पुरानी बिल्डिंग में चल रही सीएचसी में फायर हाईड्रेंट नहीं लगा है। पानी के लिए टैंक रखा हुआ है। हालांकि सीएचसी की निमार्णाधीन नए भवन में फायर हाईड्रेंट लगाया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. नरेश यादव ने बताया आग बुझाने के लिए प्रत्येक कक्ष में आग बुझाने का सिलिंडर लगा हुआ है। अन्य कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि यहां प्रति दिन करीब 350 मरीज आते हैं।

गुन्नौर में पानी के इंतजाम को नहीं लगा मोटर
गुन्नौर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला विंग समेत अस्पताल परिसर में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए आग बुझाने के 29 सिलिंडर हैं। पानी के लिए सिस्टम भी लगा हुआ है। लेकिन रखा 5000 लीटर का टैंक भरने के लिए मोटर नहीं है। बड़ी आग लगी तो पानी की कमी रहेगी।

दो सिलिंडर से हो रही नरौली सीएचसी की सुरक्षा



नरौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अगर अचानक आग लग जाती है तो अस्पताल आग पर काबू पाने के लिए दो सिलिंडर पर निर्भर है। पानी का भी कोई इंतजाम नहीं है। अस्पताल के गेट पर एक टोटी लगी हुई है। उसमें प्लास्टिक का पाइप लगा हुआ है। जानकारी करने पर डाॅ. गोपेश सारस्वत ने बताया कि पूरे अस्पताल के लिए आग बुझाने के पांच सिलिंडर हैं। जिनमें तीन एक्सपायर हो चुके हैं। दो सिलिंडर मौजूद हैं।
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