फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   The responsible people forgot to beautify the shops and houses after demolishing them.

Sambhal News: दुकान-मकान तोड़कर सौंदर्यीकरण कराना भूल गए जिम्मेदार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 02:44 AM IST
विज्ञापन
The responsible people forgot to beautify the shops and houses after demolishing them.
संभल में चंदौसी चौराहे से गुजरते वाहन। संवाद
संभल। अतिक्रमण हटाने के लिए तेजी दिखाई गई लेकिन सुधार के लिए सुस्ती बनी हुई है। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। न रोशनी है और न शौचालय बना है। कारोबार भी काफी प्रभावित है। यात्रियों के खड़े होने के लिए यात्री शेड की भी कोई सुविधा नहीं है। नगर पालिका की जिम्मेदारी अतिक्रमण हटाने की थी और लोकनिर्माण विभाग को चौड़ीकरण करना है। चौड़ीकरण से पहले बिजली विभाग को खंभे, लाइन और ट्रांसफार्मर आदि को शिफ्ट करना था। इसका खर्च लोकनिर्माण विभाग द्वारा ही बिजली विभाग को दिया जाना तय हुआ था। जो लोकनिर्माण विभाग ने बिजली विभाग को दे दिया है। विभागीय प्रक्रियाएं इतनी सुस्ती चल रही हैं कि छह महीने से लोग अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं।
विज्ञापन

लोकनिर्माण विभाग ने चौधरी सराय और चंदौसी चौराहे के चौड़ीकरण के लिए योजना तैयार की तो अतिक्रमण बाधा बन गया। 21 मई को पालिका की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया तो 50 से ज्यादा मकान और दुकान इसकी जद में आ गए। चार दिन तक चले इस अभियान में सारा अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया। इस तेजी से लगा था कि चौड़ीकरण का कार्य भी जल्द ही किया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जो साज सज्जा चौराहे पर थी वह पूरी तरह खत्म हो गई है। नए सिरे से साज सज्जा की जानी है लेकिन उससे पहले चौड़ीकरण किया जाना है।
विज्ञापन

लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन सुनील प्रकाश का कहना है कि चौधरी सराय और चंदौसी चौराहे पर 70 लाख रुपये से चौड़ीकरण किया जाना है। इसकी तैयारी कर ली है। एक सप्ताह में कार्य शुरू करा दिया जाएगा। बिजली विभाग को लाइन, खंभे और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

000000000
न पुलिस का बूथ बचा और प्याऊ, राहगीर परेशान
नगर पालिका ने जब अतिक्रमण हटाया तो पुलिस का बूथ भी तोड़ दिया गया। जहां यातायात पुलिसकर्मी धूप, बारिश और हवा से बचने के लिए बैठ जाते थे। इसके नजदीक ही प्याऊ लगा था जिस पर सैकड़ों लोग दिनभर में पानी पीते थे। रात के समय यात्रियों को अंधेरे में खड़े रहना पड़ता है। चौराहे पर वाहनाें का आवागमन बेतरतीब होता है। जिससे हादसों का खतरा रहता है। ट्रैफिक लाइट लगाई जानी थी लेकिन वह भी नहीं लग सकीं। कैमरे लगाए गए हैं जो बेतरतीब लगे हैं। चौड़ीकरण की देरी से पूरी अव्यवस्था चौराहे पर दिखती है।
000000000
दुकान और मकानों की मरम्मत तक नहीं करा रहे लोग
चौड़ीकरण पूरा हो तो लोग भी अपनी टूटी दुकान और मकानों की मरम्मत कराएंगे। क्योंकि अतिक्रमण हटाने के बाद एक नोटिस और जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि अतिक्रमण अभी पूरी तरह नहीं हटा है। हालांकि इसके बाद अतिक्रमण हटाया नहीं गया। लेकिन जिन लोगों की दुकान और मकान टूट चुके हैं उन्होंने चौड़ीकरण का कार्य नहीं होने के चलते अपनी दुकान और मकान भी मरम्मत नहीं कराई है। चौराहा पूरी तरह खंडहर सा दिखाई पड़ता है।
0000000000

चौड़ीकरण हो तो पालिका सौंदर्यीकरण भी कराए
नगर पालिका के ईओ मणिभूषण तिवारी ने बताया कि चौड़ीकरण के बाद जगह मिलती है तो पालिका सौंदर्यीकरण का कार्य कराएगी। जो सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया था वह अतिक्रमण हटाने के दौरान हटा दिया गया था। बता दें सौंदर्यीकरण पर 20 लाख रुपये से ज्यादा एक वर्ष पहले ही खर्च किए गए थे। इससे शासकीय धन का दुरुपयोग हुआ है।

00000000000

13 लाख रुपये में शिफ्ट होगी बिजली और लाइन
चौड़ीकरण में सबसे बड़ी बाधा बिजली के खंभे, लाइन और ट्रांसफार्मर बने थे। इनको शिफ्ट करने में बिजली विभाग ने एस्टीमेट करीब 13 लाख रुपये का बनाकर लोकनिर्माण विभाग को दिया था। एस्टीमेट की राशि भी लोकनिर्माण विभाग द्वारा बिजली विभाग को दे दी गई है। अभी भी शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed